सरकारी बाज़ार में EaseMyTrip की धाक
EaseMyTrip ने MSTC लिमिटेड, जो कि भारत सरकार का एक प्रमुख उपक्रम (PSU) है, के साथ एक विशेष साझेदारी का ऐलान किया है। इस समझौते का मकसद भारत के सरकारी क्षेत्र के लिए व्यापक ट्रैवल सोल्यूशंस प्रदान करना है। यह साझेदारी MSTC की पहुंच और EaseMyTrip की टेक्नोलॉजी व इन्वेंट्री का इस्तेमाल करके सरकारी संगठनों के लिए यात्रा की खरीद प्रक्रिया को आसान बनाएगी।
27 मार्च 2026 को घोषित हुए इस एग्रीमेंट के तहत, EaseMyTrip के एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (APIs) को MSTC के सिस्टम में इंटीग्रेट किया जाएगा। इससे MSTC को EaseMyTrip की फ्लाइट्स, होटल्स, हॉलिडे पैकेज, बस बुकिंग और कैब सर्विसेस जैसी सुविधाओं का एक्सेस मिलेगा। इसका सीधा फायदा सरकारी संस्थानों को होगा, जिन्हें अब एक ही प्लेटफॉर्म पर सुव्यवस्थित ट्रैवल बुकिंग मिल सकेगी।
इस डील से EaseMyTrip को विशाल सरकारी और संस्थागत ट्रैवल मार्केट में सीधे प्रवेश मिल गया है, जिससे कंपनी को एक स्थिर रेवेन्यू स्ट्रीम की उम्मीद है। यह कदम कंपनी को कॉम्पिटिटिव B2C ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसी (OTA) मार्केट से इतर, अपने रेवेन्यू सोर्स को डाइवर्सिफाई करने में मदद करेगा।
EaseMyTrip, जो 2008 में स्थापित हुई थी, एक जानी-मानी भारतीय OTA है। वहीं, MSTC लिमिटेड, जिसकी स्थापना 1964 में हुई थी, मिनिस्ट्री ऑफ स्टील के तहत एक डायवर्सिफाइड ई-कॉमर्स और ट्रेडिंग PSU है, जो सरकारी संस्थाओं के लिए ई-प्रोक्योरमेंट पर फोकस करता है। EaseMyTrip का सरकारी क्षेत्र के साथ पहले भी अनुभव रहा है, जैसे उत्तर प्रदेश इको-टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड के साथ एक MoU। हाल ही में कंपनी ने अपनी ग्रोथ स्ट्रेटेजी के लिए ₹500 करोड़ तक जुटाने की योजना का भी खुलासा किया है।
शेयरहोल्डर्स के लिए, यह पार्टनरशिप EaseMyTrip को सरकारी निकायों और PSU को सीधे टारगेट करने का मौका देगी। कंपनी MSTC के नेटवर्क का इस्तेमाल करके अपने संस्थागत बिज़नेस को मजबूत करेगी।
हालांकि, इस साझेदारी की सफलता कई बातों पर निर्भर करती है, जैसे कि API इंटीग्रेशन कितना सहज होता है और सिस्टम कितनी अच्छी तरह काम करता है। हालिया वित्तीय नतीजों की बात करें तो, FY26 की दूसरी तिमाही (Q2) में EaseMyTrip को ₹36 करोड़ का नेट लॉस हुआ, जबकि FY25 की समान तिमाही में ₹26.8 करोड़ का प्रॉफिट था। ऑपरेटिंग रेवेन्यू में 18% की गिरावट आई और यह ₹118.3 करोड़ पर आ गया। यह नेट लॉस ₹51 करोड़ के एक्सेप्शनल आइटम चार्ज से भी प्रभावित हुआ।
निवेशक अब इस सरकारी ट्रैवल सर्विस के आधिकारिक लॉन्च, इस सेक्टर से बुकिंग और रेवेन्यू की मात्रा, और MSTC द्वारा अपनाए जाने की गति पर नज़र रखेंगे। इस पार्टनरशिप से कंपनी अपने पिछले वित्तीय दबावों को कम कर पाती है या नहीं, यह देखना अहम होगा।
प्रतिद्वंद्वियों जैसे MakeMyTrip और Yatra के विपरीत, जो मुख्य रूप से कंज्यूमर्स और कॉर्पोरेट क्लाइंट्स पर ध्यान केंद्रित करते हैं, EaseMyTrip की MSTC के साथ यह एक्सक्लूसिव डील इसे सरकारी क्षेत्र की विशिष्ट ज़रूरतों को पूरा करने के लिए एक अनूठी स्थिति में रखती है।