DreamFolks Services ने ETT Solutions DMCC में 34% हिस्सेदारी का सेकेंडरी एक्विजिशन पूरा कर लिया है। यह डील कंपनी के लिए मिडिल ईस्ट (GCC मार्केट) में अपनी पहुंच बढ़ाने और ग्लोबल लाउंज एक्सेस नेटवर्क को मजबूत करने के लिहाज़ से बेहद अहम है। ETT के ऑपरेशन्स, टेक्नोलॉजी और कस्टमर बेस को पूरी तरह इंटीग्रेट करने के लिए कंपनी ज़्यादा हिस्सेदारी चाहती है।
कंपनी अब प्राइमरी सब्सक्रिप्शन फेज पर काम कर रही है, लेकिन इस प्रक्रिया में 120 बिज़नेस दिनों की शुरुआती समय-सीमा पार हो सकती है। इस संभावित देरी से उम्मीद के मुताबिक फायदे (synergies) मिलने और मार्केट एक्सपेंशन में रुकावट आ सकती है, जो कंपनी की ग्रोथ को प्रभावित कर सकता है।
DreamFolks ने पहली बार 1 दिसंबर, 2025 को ETT Solutions DMCC में हिस्सेदारी लेने की मंशा जाहिर की थी। इस डील का मकसद GCC क्षेत्र में बढ़ते ट्रैवल मार्केट का फायदा उठाना और रेवेन्यू स्ट्रीम को डाइवर्सिफाई करना है।
अगर प्राइमरी सब्सक्रिप्शन में देरी होती है, तो इससे डील क्लोजर में देर होगी, लागत बढ़ सकती है और GCC मार्केट में तेज़ी से एंट्री का फायदा कम हो सकता है। रेगुलेटरी या सब्सक्रिप्शन प्रोसेस की जटिलताएं भी जोखिम बढ़ा सकती हैं।
निवेशकों की नज़रें अब प्राइमरी सब्सक्रिप्शन फेज के पूरा होने, डील की नई समय-सीमा और किसी भी कैपिटल इन्फ्यूजन या शेयर जारी करने की जानकारी पर रहेंगी। साथ ही, ETT के ऑपरेशन्स और कस्टमर बेस को DreamFolks में इंटीग्रेट करने की प्लानिंग पर भी मैनेजमेंट का बयान महत्वपूर्ण होगा।
वैश्विक ट्रैवल टेक सेक्टर में Yatra Online और EaseMyTrip जैसी कंपनियां भी सक्रिय हैं, लेकिन DreamFolks का फोकस B2B पार्टनरशिप और एक्विजिशन के ज़रिए ग्लोबल रीच बढ़ाने पर है।
