FY26 नतीजे: मुनाफा मामूली घटा, रेवेन्यू स्थिर
D-Link (India) Limited ने अपने ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) के ₹10.43 करोड़ से मामूली घटकर FY26 में ₹10.41 करोड़ दर्ज किया गया है। वहीं, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹156.57 करोड़ रहा।
शेयरधारकों के लिए ₹27.50 का डिविडेंड
कंपनी ने शेयरधारकों को खुश करते हुए ₹27.50 प्रति इक्विटी शेयर के ज़बरदस्त डिविडेंड (Dividend) की सिफारिश की है। इसमें ₹20 का फाइनल डिविडेंड और ₹7.50 का स्पेशल डिविडेंड शामिल है। यह डिविडेंड आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर करेगा।
कस्टम्स डिमांड और लेबर लॉ का जोखिम
हालांकि, कंपनी के सामने कुछ महत्वपूर्ण जोखिम भी हैं। ₹6.11 करोड़ की एक बड़ी कंटिंजेंट लायबिलिटी (contingent liability) है, जो रॉयल्टी पेमेंट्स से जुड़े कस्टम्स कमिश्नर के डिमांड ऑर्डर से संबंधित है। इस मामले में कंपनी ने अपील दायर की है और परिणाम का इंतज़ार है। इसके अलावा, 21 नवंबर, 2025 से लागू होने वाले नए लेबर कोड्स (New Labour Codes) के कंपनी के फाइनेंसेज पर पड़ने वाले असर का भी आकलन किया जा रहा है।
कॉर्पोरेट गवर्नेंस अपडेट्स
कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) के मोर्चे पर, M/s. Kirtane & Pandit LLP को FY 2026-27 के लिए इंटरनल ऑडिटर (Internal Auditor) नियुक्त किया गया है। साथ ही, बोर्ड ने सुश्री Jui-Chuan Chang को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर (Independent Director) के तौर पर अपॉइंट करने का भी प्रस्ताव रखा है, जिसके लिए सभी ज़रूरी वैधानिक और नियामक मंजूरी (statutory and regulatory approvals) की ज़रूरत होगी।
निवेशकों के लिए मुख्य बातें
निवेशकों को कंपनी के आगामी AGM में डिविडेंड की मंजूरी, सुश्री Chang की नियुक्ति के लिए आवश्यक अप्रूवल्स, कस्टम्स डिमांड ऑर्डर के खिलाफ अपील के नतीजे और नए लेबर कोड्स के फाइनेंशल इम्पैक्ट पर बारीकी से नज़र रखनी चाहिए।
