बोर्ड मीटिंग में लिए गए अहम फैसले
Cyient Limited के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 23 अप्रैल, 2026 को हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। इनमें सबसे अहम था ₹720 करोड़ के शेयर बायबैक का प्रस्ताव, जिसके तहत कंपनी 6.4 मिलियन तक शेयर ₹1,125 प्रति शेयर के भाव पर वापस खरीद सकती है। इस बायबैक को लागू करने के लिए शेयरधारकों की मंजूरी भी ली जाएगी।
बोर्ड ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स को भी अंतिम रूप दिया। कंपनी का कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹463 करोड़ रहा, जबकि रेवेन्यू ₹7,445.40 करोड़ दर्ज किया गया। स्टैंडअलोन बेसिस पर, PAT ₹154.60 करोड़ और रेवेन्यू ₹2,502.20 करोड़ रहा।
FY25-26 के लिए, बोर्ड ने फाइनल डिविडेंड (Dividend) की सिफारिश न करने का फैसला किया है, जो कि पिछले सालों के चलन से अलग है। इसके अलावा, सऊदी अरब में एक नया ब्रांच ऑफिस खोलने की योजनाओं को भी मंजूरी दे दी गई है। एक अलग मामले में, श्री बी.वी.आर. मोहन रेड्डी की नॉन-एग्जीक्यूटिव, नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर पुनः नियुक्ति शेयरधारकों की सहमति पर निर्भर करेगी।
फैसलों का रणनीतिक महत्व
₹720 करोड़ का यह शेयर बायबैक शेयरधारकों को कैपिटल वापस देने का एक तरीका है, जिससे प्रति शेयर आय (EPS) बढ़ सकती है और यह प्रबंधन के कंपनी के वैल्यूएशन में विश्वास को भी दर्शाता है। सऊदी अरब में ऑफिस खोलने से Cyient की ग्लोबल मौजूदगी बढ़ेगी और यह एक ऐसे रीजन को टारगेट करेगा जहां डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ की काफी संभावनाएं हैं।
फाइनल डिविडेंड (Dividend) न देकर बायबैक और विस्तार पर ध्यान केंद्रित करके, कंपनी तत्काल आय वितरण के बजाय शेयरधारक रिटर्न और रणनीतिक विकास पहलों को प्राथमिकता दे रही है।
कंपनी का प्रदर्शन और विस्तार
Cyient पहले भी शेयर बायबैक कर चुकी है, जिसमें 2019 का एक प्रोग्राम शामिल है। कंपनी ने हालिया फाइनेंशियल ईयर (अप्रैल 2026 तक) में ₹30.00 प्रति शेयर का डिविडेंड (Dividend) घोषित किया था। Cyient मध्य पूर्व में विस्तार कर रही है, जो सऊदी विजन 2030 जैसी पहलों के साथ तालमेल बिठा रहा है।
कंपनी को कुछ चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा है, जैसे कि Q3 FY26 में PAT और रेवेन्यू में गिरावट। मैनेजमेंट द्वारा FY25 के गाइडेंस में पहले की गई कटौती के कारण 2025 की शुरुआत में स्टॉक में गिरावट आई थी। 2023 में एक कार्यकारी के खिलाफ 'नो-पोच' का आरोप मुकदमे के बीच में खारिज कर दिया गया था, हालांकि एक सिविल मुकदमा अभी भी जारी है।
शेयरधारकों पर असर और भविष्य की राह
शेयरधारक बायबैक के बाद स्वामित्व प्रतिशत में वृद्धि और संभावित EPS ग्रोथ से लाभान्वित हो सकते हैं। सऊदी अरब में नया ब्रांच ऑफिस Cyient की ग्लोबल पहुंच का विस्तार करेगा और नए व्यावसायिक अवसर खोलेगा। निवेशकों को कंपनी की कैपिटल एलोकेशन रणनीति पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता हो सकती है, जिसमें डिविडेंड (Dividend) से ध्यान हटाकर बायबैक और विस्तार पर जोर दिया जा रहा है।
संभावित जोखिम और शेयरधारक वोट
मुख्य जोखिमों में ₹720 करोड़ के बायबैक प्रोग्राम और श्री बी.वी.आर. मोहन रेड्डी की पुनः नियुक्ति के लिए शेयरधारकों की मंजूरी की आवश्यकता शामिल है। एक अनसुलझा कानूनी मामला 'नो-पोच' आरोपों से उपजा मौजूदा सिविल क्लास एक्शन मुकदमा है, जिसका Cyient खंडन करती है।
प्रतिस्पर्धी परिदृश्य
Cyient आईटी और इंजीनियरिंग सर्विसेज के प्रतिस्पर्धी बाजार में L&T Technology Services (LTTS), TCS और Infosys जैसी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है। LTTS इंजीनियरिंग R&D में सीधी प्रतिस्पर्धी है, जबकि बड़ी आईटी फर्में भी Cyient के डिजिटल और टेक्नोलॉजी सर्विस क्षेत्रों में व्यापार के लिए प्रतिस्पर्धा करती हैं। LTTS जैसे प्रतिस्पर्धी अक्सर उच्च P/E मल्टीपल पर कारोबार करते हैं, जो शायद ग्रोथ या स्थिरता पर बाजार के अलग-अलग विचारों को दर्शाता है।
FY25 का वित्तीय सारांश
31 मार्च, 2025 को समाप्त फाइनेंशियल ईयर के लिए, Cyient ने ₹7,457 करोड़ का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू और ₹615.7 करोड़ का कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया था। यह FY26 के नतीजों की तुलना के लिए एक आधार प्रदान करता है।
निवेशकों के लिए मुख्य बिंदु
निवेशक बायबैक और डायरेक्टर की पुनः नियुक्ति पर शेयरधारकों के वोटों पर नजर रखेंगे। नए सऊदी अरब ब्रांच ऑफिस की प्रगति और शुरुआती संचालन पर नज़र रखना महत्वपूर्ण होगा। भविष्य के तिमाही नतीजों का राजस्व वृद्धि, मार्जिन प्रदर्शन और नई व्यावसायिक पहलों के एकीकरण के लिए विश्लेषण किया जाना चाहिए।
