Cyient के बोर्ड ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कृष्ण बोडानपु को 3 अप्रैल 2026 से अगले 3 साल के लिए एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) के पद पर नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। इस लंबी अवधि की नियुक्ति को अंतिम रूप देने से पहले कंपनी को शेयरहोल्डर्स से अप्रूवल (Approval) लेना होगा।
नेतृत्व में बदलाव के साथ-साथ, Cyient अपने कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) को भी मजबूत कर रही है। कंपनी की अमेरिकी सब्सिडियरी (Subsidiary) Cyient Inc. और यूके स्थित Cyient Europe Limited के बोर्ड में नए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स (Independent Directors) को नियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त, कंपनी की प्रमुख कमेटियों, जिनमें ऑडिट एंड रिस्क मैनेजमेंट कमिटी (Audit & Risk Management Committee) शामिल है, का भी पुनर्गठन किया गया है। सुनील भूमरल्कर (Sunil Bhumralkar) को इन दोनों कमेटियों का नया चेयरपर्सन (Chairperson) बनाया गया है।
इन कदमों का उद्देश्य नेतृत्व में निरंतरता (Leadership Continuity) सुनिश्चित करना और ओवरऑल गवर्नेंस को बेहतर बनाना है। बोडानपु के नेतृत्व में कंपनी अपनी स्ट्रेटेजिक (Strategic) दिशा को आगे बढ़ाएगी।
Cyient, जिसकी स्थापना 1991 में हुई थी, एक ग्लोबल इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस प्रोवाइडर (Engineering and Technology Solutions Provider) है। यह Infosys और Wipro जैसी बड़ी IT फर्मों के साथ-साथ स्पेशलाइज्ड इंजीनियरिंग सर्विस प्रोवाइडर्स से प्रतिस्पर्धा करती है।
बोटानपु के कार्यकाल को आगे बढ़ाने में मुख्य बाधा शेयरहोल्डर्स से आवश्यक मंजूरी हासिल करना है।
कंपनी के रेगुलेटरी (Regulatory) कंप्लायंस (Compliance) के मोर्चे पर, May 2025 में Cyient की अमेरिकी सब्सिडियरी को अफोर्डेबल केयर एक्ट (ACA) के पालन में कमी के चलते IRS (Internal Revenue Service) द्वारा एक पेनल्टी (Penalty) लगाई गई थी। यह घटना वैश्विक स्तर पर कंपनी के लिए नियमों के पालन के महत्व को रेखांकित करती है।
Cyient, L&T Technology Services (LTTS) और HCLTech जैसे दिग्गजों के मुकाबले अपने गहरे डोमेन एक्सपर्टाइज (Deep Domain Expertise), वैल्यू-ड्रिवन सर्विस डिलीवरी (Value-Driven Service Delivery) और कुशल एग्जीक्यूशन (Efficient Execution) पर जोर देती है। कंपनी तेजी से हाई-वैल्यू डिजाइन सर्विसेज (High-Value Design Services) और सेफ्टी-क्रिटिकल सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट (Safety-Critical Software Development) की ओर बढ़ रही है।
