SEBI के 'Large Corporate' फ्रेमवर्क के तहत, कुछ कंपनियों को अपने कर्ज जुटाने (debt funding) के तरीकों पर खास नियम मानने होते हैं, जैसे कि कर्ज जुटाने के लिए डेट सिक्योरिटीज (debt securities) का इस्तेमाल करना। डिफॉल्ट करने पर पेनल्टी (penalty) भी लग सकती है। लेकिन CyberTech Systems and Software Ltd ने इस अनुपालन बोझ से खुद को बचा लिया है।
कंपनी ने 31 मार्च 2026 तक ₹0 का बकाया कर्ज (outstanding borrowing) होने की पुष्टि की है। साथ ही, फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए ₹0 का कोई भी नया कर्ज (incremental borrowing) नहीं लिया गया है। इस वजह से, कंपनी SEBI के 'Large Corporate' के रूप में वर्गीकृत होने की शर्तों को पूरा नहीं करती है।
बता दें कि SEBI का यह फ्रेमवर्क कंपनियों को कॉर्पोरेट डेट मार्केट में और सक्रिय करने के लिए बनाया गया था। आमतौर पर, ₹100 करोड़ या उससे अधिक का बड़ा लॉन्ग-टर्म कर्ज रखने वाली और अच्छी क्रेडिट रेटिंग वाली कंपनियों को 'Large Corporate' माना जाता है।
CyberTech Systems, जो एक IT सर्विसेज़ प्रोवाइडर (IT services provider) है, ने ऐतिहासिक रूप से हमेशा कम कर्ज बनाए रखा है। उदाहरण के तौर पर, मार्च 2025 के कंसोलिडेटेड आंकड़ों के अनुसार, कंपनी का कुल कर्ज लगभग ₹4.02 करोड़ था, और इसका डेट-टू-इक्विटी रेशियो (debt-to-equity ratio) मात्र 0.02 था।
आगे चलकर, निवेशक और स्टेकहोल्डर्स (stakeholders) SEBI के 'Large Corporate' वर्गीकरण के नियमों में किसी भी बदलाव पर नजर रखेंगे। साथ ही, यह भी देखा जाएगा कि क्या CyberTech Systems भविष्य में विकास पहलों (growth initiatives) के लिए कर्ज वित्तपोषण (debt financing) को अपनाने की अपनी वित्तीय रणनीति में बदलाव करती है।