Cura Technologies में नेतृत्व और वित्तीय मोर्चे पर बड़े बदलाव
Cura Technologies Limited के बोर्ड ने 27 मार्च 2026 को हुई बैठक में कई अहम कॉर्पोरेट फैसलों पर मुहर लगाई। मिसेज संजना लगुमावरपु ने मैनेजिंग डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया है, और अब वह नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर अपनी सेवाएं देंगी। उनकी जगह मिस्टर सरस्वतीवथु शिवरामकृष्ण मोहन बाबू को नया मैनेजिंग डायरेक्टर बनाया गया है, हालांकि उनकी नियुक्ति को शेयरहोल्डर्स की मंजूरी मिलनी बाकी है।
बोर्ड ने कंपनी के लिए ₹4.00 करोड़ तक के वर्किंग कैपिटल लोन को भी मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही, कंपनी ने अपनी कुल उधार सीमा को बढ़ाकर ₹25.00 करोड़ करने का प्रस्ताव दिया है। इतना ही नहीं, लोन और निवेश के लिए सेक्शन 186 के तहत सीमा को ₹10.00 करोड़ तक बढ़ाने का प्रस्ताव भी है। इन सभी प्रस्तावों को शेयरहोल्डर्स की मंजूरी की आवश्यकता होगी।
इन बदलावों पर शेयरहोल्डर्स की राय जानने के लिए 24 अप्रैल 2026 को एक एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) बुलाई गई है।
नई राह और वित्तीय मजबूती
यह नेतृत्व परिवर्तन Cura Technologies के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत है, खासकर हाल के वित्तीय पुनर्गठन के बाद। नए MD की नियुक्ति के साथ, कंपनी संभवतः कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) से बाहर आने के बाद स्थिरीकरण और विकास पर ध्यान केंद्रित करेगी।
मंजूर हुआ वर्किंग कैपिटल लोन और प्रस्तावित उधार सीमा में वृद्धि कंपनी को आवश्यक वित्तीय लचीलापन प्रदान करेगी। यह परिचालन, निवेश और रणनीतिक पहलों के लिए महत्वपूर्ण है।
पृष्ठभूमि
Cura Technologies लिमिटेड को वित्तीय चुनौतियों का सामना करना पड़ा था और वह मार्च 2022 से CIRP प्रक्रिया से गुजर रही थी। नए नियुक्त MD, मिस्टर एस.एस.के. मोहन बाबू, वही रेजोल्यूशन एप्लीकेंट थे जिनकी योजना को इस प्रक्रिया के दौरान मंजूरी मिली थी।
इसके अलावा, कंपनी ने कैटलॉग आईटी सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के मर्जर को 13 फरवरी 2025 को पूरा किया था। इस मर्जर का मकसद डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की मांग का फायदा उठाकर एक स्थायी आईटी बिजनेस स्थापित करना था।
आगे क्या देखना होगा?
मुख्य चुनौती 24 अप्रैल 2026 को होने वाली EGM में शेयरहोल्डर्स से नए MD की नियुक्ति और उधार सीमा बढ़ाने के प्रस्तावों पर मंजूरी हासिल करना है।
