Creative Newtech ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY26) के नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंसोलिडेटेड टोटल इनकम 50.85% की बढ़त के साथ ₹2,717.51 करोड़ पर पहुंच गई, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) में ₹1,801.47 करोड़ थी। वहीं, पूरे साल का नेट प्रॉफिट 32.35% बढ़कर ₹70.29 करोड़ रहा।
चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजों की बात करें तो कंपनी की कंसोलिडेटेड इनकम में 81.16% की जोरदार सालाना बढ़त देखी गई, जो ₹740.44 करोड़ पर पहुंच गई। इस तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹17.79 करोड़ दर्ज किया गया।
कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों को तोहफा देते हुए प्रति शेयर ₹0.50 का फाइनल डिविडेंड (Dividend) देने की सिफारिश की है। साथ ही, स्टैच्युटरी ऑडिटर्स ने कंपनी के खातों पर एक अनमॉडिफाइड ओपिनियन (Unmodified Opinion) दिया है, जो अकाउंटिंग में किसी बड़ी समस्या के न होने का संकेत देता है।
ग्रोथ के साथ रिस्क भी
जहां एक ओर शानदार रेवेन्यू ग्रोथ कंपनी की मजबूत डिमांड और क्लाइंट स्ट्रेटेजी को दर्शाती है, वहीं दूसरी ओर, बढ़ती देनदारियां (debt) और देनदारियां (receivables) चिंता का सबब बन रही हैं।
कंसोलिडेटेड शॉर्ट-टर्म बोरिंग्स (short-term borrowings) में भारी इजाफा हुआ है, जो ₹69.53 करोड़ से बढ़कर ₹324.25 करोड़ हो गई हैं। यह शॉर्ट-टर्म डेट फाइनेंसिंग पर कंपनी की बढ़ती निर्भरता को दिखाता है, जिससे फाइनेंसियल कॉस्ट और लिक्विडिटी पर दबाव पड़ सकता है।
इसके अलावा, कंसोलिडेटेड ट्रेड रिसीवेबल्स (trade receivables) भी दोगुने से ज्यादा बढ़कर ₹237.77 करोड़ से ₹565.11 करोड़ तक पहुंच गए हैं। यह बढ़ोतरी ग्राहकों से पेमेंट वसूलने में कंपनी की मुश्किलों या ज्यादा क्रेडिट देने का संकेत दे सकती है, जो वर्किंग कैपिटल को प्रभावित कर सकता है।
कंपनी और भविष्य की राह
Creative Newtech एक IT सर्विसेज फर्म है जो डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, प्रोडक्ट इंजीनियरिंग, क्लाउड माइग्रेशन और AI/ML सॉल्यूशंस जैसी सेवाएं दुनिया भर के ग्राहकों को देती है।
निवेशक अब मैनेजमेंट की ओर से बढ़ी हुई बोरिंग्स और रिसीवेबल्स के कारणों पर आने वाली कमेंट्री पर बारीकी से नजर रखेंगे। कंपनी का भविष्य का गाइडेंस, रेवेन्यू ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी टारगेट, और डेट कम करने व कैश कलेक्शन को बेहतर बनाने की रणनीति, वैल्यू क्रिएशन के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। इस सेक्टर में KPIT Technologies, Persistent Systems, और Coforge जैसी कंपनियां भी प्रतिस्पर्धा में हैं।