इंसॉल्वेंसी प्रोसेस में क्रेडिटर कमेटी का फैसला
Compuage Infocom Limited की क्रेडिटर कमेटी (COC) ने 25 मार्च, 2026 को अपनी 24वीं बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई। ई-वोटिंग 10 अप्रैल, 2026 को समाप्त हुई, जिसमें कर्जदारों के साथ सेटलमेंट (Settlement) और लीगल रिप्रेजेंटेशन (Legal Representation) को मंजूरी दी गई।
यह मंजूरी Compuage Infocom के कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) में आगे बढ़ने का संकेत देती है। जहाँ एक ओर सेटलमेंट और कानूनी नियुक्तियां कंपनी के कर्ज समाधान (Debt Resolution) को व्यवस्थित करने और कानूनी जटिलताओं को संभालने में मदद करेंगी, वहीं रजिस्टर्ड ऑफिस शिफ्ट करने के प्रस्ताव को खारिज करना यह दर्शाता है कि क्रेडिटर के बीच ऑपरेशनल रीस्ट्रक्चरिंग (Operational Restructuring) को लेकर कुछ मतभेद या आशंकाएं हो सकती हैं।
Compuage Infocom Limited नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) द्वारा 2 नवंबर, 2023 को स्वीकार किए जाने के बाद से CIRP से गुजर रही है। कंपनी के मामलों का प्रबंधन रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (RP) श्री गजेश लाभचंद जैन कर रहे हैं, जिनकी नियुक्ति 29 अप्रैल, 2024 को हुई थी और उनका कार्यकाल 31 दिसंबर, 2026 तक वैध है। इस CIRP को सिंगापुर हाई कोर्ट (Singapore High Court) द्वारा भी एक प्राइमरी फॉरेन प्रोसीडिंग (Primary Foreign Proceeding) के तौर पर मान्यता मिली है।
रजिस्टर्ड ऑफिस शिफ्ट करने के प्रस्ताव का खारिज होना प्रक्रिया में देरी या आगे और विचार-विमर्श की आवश्यकता पैदा कर सकता है। यह पूरा CIRP कंपनी की गंभीर वित्तीय संकट की ओर इशारा करता है।
स्टेकहोल्डर्स (Stakeholders) CIRP की समग्र प्रगति और समय-सीमा पर बारीकी से नजर रखेंगे। भविष्य में अनुमोदित सेटलमेंट के नतीजे, आगामी COC बैठकों से नए प्रस्ताव और यदि कोई व्यवहार्य समाधान योजना (Resolution Plan) पर सहमति नहीं बनती है तो लिक्विडेशन प्रोसीडिंग्स (Liquidation Proceedings) जैसे घटनाक्रम देखे जाएंगे। नियुक्त प्रतिनिधियों द्वारा संभाले जा रहे कानूनी मामलों के अंतिम परिणाम पर भी पैनी नजर रहेगी।