मर्जर हुआ फाइनल, Cigniti अब Coforge का हिस्सा
Cigniti Technologies Limited और Coforge Limited के बीच विलय की योजना अब पूरी तरह से असरदार हो गई है। 4 मई, 2026 को NCLT (नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल) के आदेश को रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास फाइल करने के साथ ही यह विलय प्रभावी हो गया है। इसके साथ ही Cigniti Technologies Limited का कानूनी अस्तित्व समाप्त हो गया है और इसका कामकाज Coforge में समाहित हो गया है।
Coforge का बोर्ड 5 मई, 2026 को एक अहम बैठक करेगा, जिसमें Cigniti शेयरधारकों को नए Coforge शेयर जारी करने के लिए रिकॉर्ड डेट तय की जाएगी।
यह मर्जर क्यों है खास?
यह भारतीय आईटी सर्विसेज सेक्टर में एक बड़ा कदम है। Coforge, Cigniti की डिजिटल एश्योरेंस और क्वालिटी इंजीनियरिंग की ताकत का अपने विस्तृत टेक्नोलॉजी ज्ञान के साथ इस्तेमाल करेगी। इस इंटीग्रेशन से Coforge की मार्केट में पोजीशन और मजबूत होगी, खासकर AI-led इंजीनियरिंग, डेटा और क्लाउड सर्विसेज के क्षेत्र में। अब Coforge $2.5 बिलियन की एंटरप्राइज के तौर पर काम करेगी, जिसमें $2 बिलियन का कोर AI-led इंजीनियरिंग, डेटा और क्लाउड सर्विसेज पर फोकस होगा।
जानिए पूरा बैकग्राउंड
Coforge ने मई 2024 में Cigniti Technologies में 54% हिस्सेदारी लगभग ₹1,023.9 करोड़ में खरीदी थी। NCLT चंडीगढ़ ने 29 अप्रैल, 2026 को इस विलय योजना को मंजूरी दी थी। इस मर्जर को Cigniti और Coforge दोनों के शेयरधारकों का भारी समर्थन मिला था। इस मर्जर की एप्वाइंटेड डेट (नियुक्त तिथि) 1 अप्रैल, 2025 थी।
आगे क्या बदलेगा?
- Cigniti Technologies Ltd. अब एक अलग कंपनी के तौर पर मौजूद नहीं रहेगी, यह Coforge में समाहित हो गई है।
- Cigniti के शेयरधारकों को अप्रूव्ड 1:1 स्वैप रेशियो के आधार पर Coforge के नए इक्विटी शेयर मिलेंगे।
- मर्ज्ड एंटिटी Coforge, AI-led इंजीनियरिंग, डेटा और क्लाउड सर्विसेज में और मजबूत होगी।
- Coforge को अमेरिका के बाजार, खासकर हेल्थकेयर सेक्टर में अपनी पकड़ मजबूत करने की उम्मीद है।
- Cigniti के अलग वित्तीय नतीजे अब Coforge की रिपोर्ट में शामिल किए जाएंगे।
संभावित जोखिम
भले ही मर्जर अब प्रभावी हो गया हो, लेकिन इंटीग्रेशन (एकीकरण) को लेकर कुछ चुनौतियां बनी हुई हैं। इनमें टेक्नोलॉजी और कल्चरल अलाइनमेंट सुनिश्चित करना, और M&A प्रक्रियाओं में आम साइबर सुरक्षा जोखिमों का प्रबंधन करना शामिल है। अपेक्षित सिनर्जी (तालमेल) को हासिल करना वैल्यू क्रिएशन के लिए महत्वपूर्ण होगा।
प्रतिस्पर्धियों से तुलना
Cigniti के साथ मर्जर के बाद Coforge, भारतीय आईटी सर्विसेज मार्केट में Tata Consultancy Services (TCS), Infosys, Wipro और HCL Technologies जैसे बड़े प्लेयर्स के साथ मुकाबला करेगी। Q1 FY26 के आंकड़ों के मुताबिक, Coforge रेवेन्यू के हिसाब से भारत की सातवीं सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर सर्विसेज आउटसोर्सर है। FY25 में इसका रेवेन्यू लगभग ₹12,050.7 करोड़ ($1.45 बिलियन) था, जो पिछले साल की तुलना में 32% ज्यादा है।
मुख्य आंकड़े
- विलय योजना की एप्वाइंटेड डेट 1 अप्रैल, 2025 थी।
- 31 दिसंबर, 2025 तक, Cigniti Technologies ने पिछले 12 महीनों में $254 मिलियन का रेवेन्यू दर्ज किया था।
- FY25 के लिए, Cigniti Technologies का सालाना नेट प्रॉफिट ₹122 करोड़ था, जो पिछले वर्ष की तुलना में 29.0% अधिक था।
आगे क्या देखना है?
अब निवेशकों की नजर Coforge बोर्ड की 5 मई, 2026 की बैठक पर होगी, जहां शेयर अलॉटमेंट के लिए रिकॉर्ड डेट तय होगी। इसके बाद पूर्व Cigniti शेयरधारकों को नए Coforge इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। निवेशक Cigniti के ऑपरेशन्स के Coforge में इंटीग्रेशन, मर्ज्ड एंटिटी के भविष्य के वित्तीय नतीजों और AI-led इंजीनियरिंग क्षमताओं के इस्तेमाल पर भी नजर रखेंगे।
