Coforge लिमिटेड ने 23 अप्रैल 2026 को बड़ी घोषणा करते हुए कहा है कि उन्होंने Encora US Holdco, Inc. और Encora Holdings Limited के अधिग्रहण को अंतिम रूप दे दिया है। इस महत्वपूर्ण सौदे को फाइनेंस करने के लिए कंपनी ने एक सफल क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) यानी प्रेफरेंशियल शेयर इश्यू का सहारा लिया। इस इश्यू के तहत 9.37 करोड़ से ज़्यादा इक्विटी शेयर्स ₹1,815.91 प्रति शेयर के भाव पर जारी किए गए, जिससे Coforge ने लगभग ₹17,032.60 करोड़ की भारी-भरकम रकम जुटाई है।
इस फाइनेंसिंग के पैरलल, Coforge के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने $550 मिलियन (जो लगभग ₹4,500 करोड़ के बराबर है) की एक सिक्योर्ड लोन फैसिलिटी लेने को भी मंजूरी दी है। इस लोन की अवधि 3 साल की होगी और इस पर 4.6% का इंटरेस्ट रेट लगेगा। इस फाइनेंसिंग को सुरक्षित करने के लिए कंपनी अपनी वर्तमान और भविष्य की संपत्तियों पर एसेट चार्जेज़ (जैसे हाइपोथेकेशन, मॉर्टगेज और प्लेज) लगाएगी।
बोर्ड ने प्राइवेट इक्विटी क्षेत्र के दो दिग्गज, श्वेता जालान (BPEA EQT की पार्टनर) और अतिन हिराचंद जैन (Audax Group के पार्टनर) को एडिशनल डायरेक्टर्स के तौर पर तुरंत प्रभाव से नियुक्त किया है। इनके बोर्ड में शामिल होने से कंपनी को स्ट्रेटेजिक मार्गदर्शन मिलने की उम्मीद है।
2024 की शुरुआत में घोषित Encora के अधिग्रहण का यह पूरा होना, Coforge की ग्रोथ स्ट्रैटेजी में एक बड़ा कदम है। इससे कंपनी की ग्लोबल मौजूदगी बढ़ेगी और उसकी सर्विस ऑफरिंग्स और भी बेहतर होंगी। QIP और नई लोन फैसिलिटी से जुटाई गई बड़ी पूंजी भविष्य में कंपनी के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय संसाधन प्रदान करेगी।
शेयरधारकों के लिए, 9.37 करोड़ से ज़्यादा नए शेयर्स के अलॉटमेंट के कारण इक्विटी बेस में वृद्धि हुई है, जिसका असर शॉर्ट-टर्म में प्रति शेयर आय (EPS) पर दिख सकता है। हालांकि, इन बड़े फंड इनफ्लो से कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत हुई है।
नए $550 मिलियन के लोन को सुरक्षित करने के लिए संपत्ति पर लगाए जाने वाले चार्जेज़ (हाइपोथेकेशन, मॉर्टगेज और प्लेज) एक संभावित जोखिम हैं। यदि Coforge अपने लोन दायित्वों को पूरा करने में विफल रहती है, तो इन संपत्तियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
Coforge का Encora को एक्वायर करने और बड़ी मात्रा में कैपिटल जुटाने का यह कदम आईटी इंडस्ट्री के मौजूदा ट्रेंड्स के अनुरूप है। TCS, Infosys, Wipro और LTIMindtree जैसी बड़ी आईटी सर्विस कंपनियां भी अपनी क्षमताएं बढ़ाने और मार्केट शेयर हासिल करने के लिए एक्विजिशन का रास्ता अपनाती हैं। Coforge द्वारा यह बड़ा कैपिटल रेज उसे ग्लोबल आईटी सर्विसेज सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ने के लिए पोजीशन करता है।
वित्तीय दृष्टिकोण से देखें तो, Coforge का स्टैंडअलोन डेट-टू-इक्विटी रेशियो फाइनेंशियल ईयर 23 में लगभग 0.20 था, जो फाइनेंशियल ईयर 24 में बढ़कर लगभग 0.25 हो गया।
आगे चलकर, निवेशकों की निगाहें Encora के ऑपरेशन्स के सफल इंटीग्रेशन और रेवेन्यू व प्रॉफिटेबिलिटी में इसके योगदान पर टिकी रहेंगी। मैनेजमेंट की लोन चुकाने की क्षमता और नए फंड्स के कुशल उपयोग पर टिप्पणी महत्वपूर्ण होगी। साथ ही, Coforge की बड़ी प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले आईटी सर्विसेज सेक्टर में उसकी बदलती मार्केट पोजिशनिंग पर भी नजर रखी जाएगी।
