NCLT की हरी झंडी, Coforge और Cigniti का मर्जर हुआ पक्का
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने Cigniti Technologies के Coforge के साथ मर्जर को अंतिम मंजूरी दे दी है। यह बड़ा कदम 1 अप्रैल, 2025 से लागू होगा, जिससे $2.5 अरब की AI-ड्रिवेन इंजीनियरिंग, डेटा और क्लाउड सेवाओं के क्षेत्र में एक नई दिग्गज कंपनी का उदय होगा।
क्यों अहम है यह मर्जर?
इस मर्जर से Coforge की अमेरिका में, खासकर हेल्थकेयर सेक्टर में, मौजूदगी काफी मजबूत होगी। $2.5 अरब की यह संयुक्त इकाई बड़ी परियोजनाओं और ग्राहकों को संभालने में सक्षम होगी, जो कंपनी की ग्रोथ स्ट्रेटेजी का एक अहम हिस्सा है। Coforge ने मई 2024 में Cigniti Technologies में मेजॉरिटी स्टेक खरीदा था, जो डिजिटल एश्योरेंस और क्वालिटी इंजीनियरिंग में माहिर है।
मर्जर के बाद क्या बदलेगा?
- Coforge अब $2.5 अरब की एंटरप्राइज के तौर पर काम करेगी।
- Cigniti के शेयरहोल्डर्स को 1:1 के रेश्यो में Coforge के शेयर मिलेंगे।
- कंपनी की AI-LED इंजीनियरिंग, डेटा और क्लाउड सर्विसेज की क्षमताएं काफी बढ़ जाएंगी।
- Coforge को अमेरिका के मिडवेस्ट और वेस्टर्न रीजन के साथ-साथ हेल्थकेयर इंडस्ट्री में भी मजबूत पकड़ मिलेगी।
- Cigniti अब एक अलग लिस्टेड कंपनी के तौर पर मौजूद नहीं रहेगी।
टैक्स का झोल
हालांकि, इस बड़े मर्जर के बीच टैक्स से जुड़ी कुछ चुनौतियां सामने आई हैं। आयकर विभाग ने Cigniti पर ₹28.64 करोड़ और Coforge पर ₹304.77 करोड़ के टैक्स डिमांड नोटिस जारी किए हैं। डिपार्टमेंट जनरल एंटी-अवॉयडेंस रूल्स (GAAR) लागू करने का अधिकार भी रखता है, जिससे दोनों कंपनियों पर भविष्य में और टैक्स देनदारियां बढ़ सकती हैं।
कॉम्पिटिशन में कहां खड़ी होगी कंपनी?
अपने बढ़े हुए आकार के साथ, Coforge अब Tata Consultancy Services (TCS), Infosys, Wipro और HCLTech जैसी बड़ी भारतीय IT कंपनियों को सीधी टक्कर देगी। वहीं, अपनी डिजिटल एश्योरेंस और इंजीनियरिंग स्किल्स को मजबूत करने के बाद यह Accenture और Capgemini जैसे ग्लोबल प्लेयर्स के लिए भी एक बड़ी प्रतिद्वंद्वी बन जाएगी।
Cigniti की पिछली परफॉरमेंस
- Cigniti का टोटल इनकम फाइनेंशियल ईयर 2023 में ₹709.99 करोड़ से बढ़कर फाइनेंशियल ईयर 2025 में ₹1,032.20 करोड़ हो गया।
- पिछले छह तिमाहियों में इसका EBITDA मार्जिन 11% से बढ़कर 19% हो गया।
- अधिग्रहण से पहले Cigniti के बड़े क्लाइंट अकाउंट $15 मिलियन और $10 मिलियन के थे, जो अधिग्रहण के बाद बढ़कर $45 मिलियन और $30 मिलियन हो गए।
आगे क्या देखें?
निवेशकों की नजरें अब इस बात पर रहेंगी कि Cigniti का ऑपरेशन Coforge में कितनी सहजता से इंटीग्रेट होता है। मर्जर से अपेक्षित वित्तीय लाभों और AI-केंद्रित सेवाओं के विकास पर भी बारीकी से नजर रखी जाएगी। टैक्स देनदारियों के समाधान को लेकर कोई भी खबर अहम होगी। साथ ही, आने वाली अर्निंग रिपोर्ट्स में मैनेजमेंट की संयुक्त कंपनी के लिए क्या आउटलुक है, यह देखना भी महत्वपूर्ण होगा।
