नियमों से क्यों बची Cistro Telelink?
SEBI ने 'लार्ज कॉर्पोरेट्स' के लिए कुछ खास नियम बनाए हैं, जिनमें उन्हें अपने डेट (Debt) का कुछ हिस्सा डेट मार्केट (Debt Market) के जरिए जुटाना पड़ता है। Cistro Telelink द्वारा यह जानकारी देने के बाद, कंपनी इन अतिरिक्त कंप्लायंस (Compliance) और डिस्क्लोजर (Disclosure) की जिम्मेदारियों से बच गई है। कंपनी ने यह स्टेटस अपडेट बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के कॉर्पोरेट सर्विस डिपार्टमेंट को 13 अप्रैल 2026 को सौंपा है।
SEBI का 'लार्ज कॉर्पोरेट' फ्रेमवर्क
सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने हाल ही में 'लार्ज कॉर्पोरेट्स' के लिए अपने फ्रेमवर्क में बदलाव किए थे। अब, 1 अप्रैल 2024 से, ₹100 करोड़ के पुराने थ्रेशोल्ड को बढ़ाकर ₹1,000 करोड़ कर दिया गया है। यहाँ लॉन्ग-टर्म बरोइंग्स का मतलब उन उधारी से है जिनकी मूल अवधि एक साल से अधिक हो, जिसमें एक्सटर्नल कमर्शियल बरोइंग्स (ECB) और ग्रुप एंटिटीज के बीच इंटर-कॉर्पोरेट लोन शामिल नहीं हैं।
कंपनी की स्थिति और आगे की राह
इस कन्फर्मेशन के साथ, Cistro Telelink 'लार्ज कॉर्पोरेट' रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के बाहर बनी रहेगी। इसका मतलब है कि कंपनी पर SEBI के वो खास डेट इश्यूएंस (Debt Issuance) और डिस्क्लोजर नियम लागू नहीं होंगे जो LC पर लगते हैं। कंपनी की रणनीतिक या वित्तीय देनदारियों में इस कन्फर्मेशन से कोई तत्काल बदलाव की उम्मीद नहीं है।
Cistro Telelink टेलीकॉम सर्विसेज, ट्रेडिंग और टेक्सटाइल जैसे विभिन्न सेक्टर्स में काम करती है।
