कर्मचारियों को मिलेगा कंपनी में हिस्सेदारी का मौका
CarTrade Tech Limited के बोर्ड की नॉमिनेशन और रेमुनरेशन कमेटी ने 50,000 ESOPs को मंजूरी दे दी है। हर ऑप्शन कंपनी के ₹10 फेस वैल्यू वाले एक इक्विटी शेयर को खरीदने का अधिकार देगा। खास बात यह है कि इन ऑप्शंस को मौजूदा मार्केट प्राइस पर ही एक्सरसाइज किया जा सकेगा, यानी कोई डिस्काउंट नहीं मिलेगा।
चार साल का वेस्टिंग शेड्यूल
ये ESOPs एक चार-साल के वेस्टिंग शेड्यूल पर आधारित होंगे। इसका मतलब है कि कर्मचारियों को कुल ग्रांट का 25% हिस्सा हर साल धीरे-धीरे मिलेगा, जिससे वे कंपनी के साथ लंबे समय तक जुड़े रहें। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य टैलेंट को रिटेन करना और उनके हितों को कंपनी की ग्रोथ के साथ जोड़ना है।
इक्विटी डाइल्यूशन का खतरा?
हालांकि, इस कदम से मौजूदा शेयरधारकों को थोड़ी चिंता हो सकती है। जब कर्मचारी अपने वेस्टेड ऑप्शन का इस्तेमाल करेंगे, तो CarTrade Tech नए शेयर जारी कर सकती है। इससे कंपनी के कुल आउटस्टैंडिंग शेयर्स की संख्या बढ़ सकती है, जो मौजूदा निवेशकों की हिस्सेदारी को कम कर सकता है, जिसे इक्विटी डाइल्यूशन कहते हैं।
इंडस्ट्री में आम है ESOPs का इस्तेमाल
CarTrade Tech जैसी कंपनियां कर्मचारियों को आकर्षित करने और बनाए रखने के लिए ESOPs का इस्तेमाल एक स्ट्रेटेजिक टूल के तौर पर करती हैं। यह कदम कंपनी के IPO के समय शुरू की गई ESOP 2021 स्कीम का हिस्सा है। ऑनलाइन ऑटो सेल्स सेक्टर में Cars24 और Droom जैसी कंपनियां भी टैलेंट मैनेजमेंट के लिए ESOPs का इस्तेमाल करती हैं। निवेशक अब आने वाले चार सालों में देखेंगे कि कर्मचारी इन ऑप्शंस का इस्तेमाल कैसे करते हैं और इसका कंपनी के शेयर काउंट पर क्या असर पड़ता है।
