ऑडिट की 'क्वालिफाइड ओपिनियन' ने नतीजों पर डाला पर्दा
California Software Company Ltd. ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी ने ₹19.66 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू और ₹10.63 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यह पिछले साल की तुलना में एक बड़ी छलांग है।
ग्रोथ के चौंकाने वाले आंकड़े
फाइनेंशियल ईयर 26 में, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले 260.93% बढ़कर ₹19.66 करोड़ हो गया। नेट प्रॉफिट में भी शानदार इजाफा हुआ, जो FY25 के ₹0.72 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹10.63 करोड़ तक पहुंच गया। चौथी तिमाही (Q4 FY26) में भी रेवेन्यू ₹14.03 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही के ₹1.99 करोड़ से काफी ज्यादा है।
ऑडिटर ने उठाए गंभीर सवाल
मजबूत ग्रोथ के बावजूद, कंपनी के वित्तीय बयानों पर ऑडिटर ने 'क्वालिफाइड ओपिनियन' (Qualified Opinion) दिया है, जिससे कंपनी की असली वित्तीय सेहत पर सवाल उठ रहे हैं। ऑडिटर ने पाया कि रिपोर्ट किया गया ₹10.63 करोड़ का मुनाफा, ₹10.88 करोड़ तक बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया था। यह ओवरस्टेटमेंट पुराने, यानी overdue ट्रेड रिसीवेबल्स (Trade Receivables) के लिए पर्याप्त प्रोविजन (Provision) न करने की वजह से हुआ। यह राशि रिपोर्ट किए गए सालाना मुनाफे से भी अधिक है।
इसके अलावा, ₹20.00 करोड़ के एक इन्वेस्टमेंट एडवांस (Investment Advance) की रिकवरी (Recoverability) को लेकर भी चिंता जताई गई है, जिसे ऑडिटर सत्यापित नहीं कर पाए। साथ ही, ₹3.80 करोड़ के करंट टैक्स एसेट्स (Current Tax Assets) को लेकर भी स्पष्टीकरण की जरूरत है, जिससे कंपनी की एसेट वैल्यूएशन (Asset Valuation) में अनिश्चितता बनी हुई है।
कर्ज में भी हुआ दोगुना इजाफा
शेयरधारकों के लिए एक और चिंता की बात यह है कि कंपनी पर कर्ज भी दोगुना हो गया है। FY25 में जहां यह ₹0.80 करोड़ था, वहीं FY26 में बढ़कर ₹1.61 करोड़ हो गया है, जिससे कंपनी का फाइनेंशियल लिवरेज (Financial Leverage) बढ़ा है।
आगे क्या देखें?
निवेशक अब मैनेजमेंट से ऑडिटर की इन टिप्पणियों पर विस्तृत स्पष्टीकरण का इंतजार करेंगे। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स (Board of Directors) और ऑडिट कमेटी (Audit Committee) की प्रतिक्रिया, सेबी (SEBI) जैसे रेगुलेटर (Regulator) के संभावित कदम और कंपनी के भविष्य के ऑडिट रिपोर्ट पर बारीकी से नजर रखी जाएगी।
