Bodhtree Consulting Limited ने Crisil Ratings की एक अहम तिमाही Monitoring Agency Report फाइल की है, जो 31 मार्च 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए है। इस रिपोर्ट ने कंपनी के ₹14.08 करोड़ के राइट्स इश्यू (Rights Issue) से जुटाई गई रकम के इस्तेमाल पर एक महत्वपूर्ण पहलू उजागर किया है। रिपोर्ट कन्फर्म करती है कि फंड का इस्तेमाल तय योजना के अनुसार ही कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) जैसे प्रोडक्ट एनहांसमेंट और डेवलपमेंट, वर्किंग कैपिटल (Working Capital) और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया गया है।
हालांकि, Crisil रिपोर्ट में वेंडर कॉन्संट्रेशन रिस्क (Vendor Concentration Risk) पर खास ज़ोर दिया गया है। इस तिमाही में, कंपनी ने राइट्स इश्यू फंड से कुल ₹2.40 करोड़ खर्च किए। इसमें से चौंकाने वाली बात यह है कि लगभग 90% यानी ₹2.16 करोड़, सिर्फ एक ही Vendor, Semayra Web Services Pvt. Ltd. को दिए गए। यह एक बड़ा वेंडर कॉन्संट्रेशन रिस्क पैदा करता है, जिससे पता चलता है कि महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स के लिए कंपनी इस खास सप्लायर पर काफी हद तक निर्भर है।
₹14.08 करोड़ के इस राइट्स इश्यू का मुख्य मकसद कंपनी की ग्रोथ स्ट्रेटेजी को सपोर्ट करना था, जिसमें प्रोडक्ट एनहांसमेंट, लॉन्ग-टर्म वर्किंग कैपिटल को मजबूत करना और अन्य कॉर्पोरेट कामों को फंड करना शामिल था। Crisil की यह रिपोर्ट निवेशकों को यह आश्वासन देती है कि फंड्स कंपनी के बताए गए लक्ष्यों के अनुसार आवंटित हो रहे हैं। हालांकि, Semayra Web Services के साथ खर्च का यह उच्च स्तर निवेशकों के लिए एक प्रमुख चिंता का विषय (watchpoint) बना हुआ है।
आगे, निवेशक अगली Monitoring Agency Reports का इंतजार करेंगे ताकि फंड के इस्तेमाल की निरंतरता को देखा जा सके। वे इस बात पर भी ध्यान देंगे कि कंपनी इस पूंजी का उपयोग करके प्रोडक्ट में कैसे सुधार करती है और वर्किंग कैपिटल को कैसे बेहतर बनाती है। यह भी देखना महत्वपूर्ण होगा कि Bodhtree Consulting अपने वेंडर बेस में विविधता लाने और पहचाने गए कॉन्संट्रेशन रिस्क को कम करने के लिए क्या कदम उठाती है। Bodhtree Consulting IT Services सेक्टर में काम करती है, जहां Kellton Tech Solutions Ltd और R Systems International Ltd जैसी कंपनियां भी बाजार में सक्रिय हैं।
