Blue Cloud Softech Solutions Ltd. के शेयरधारकों ने 4 मई, 2026 को हुई असाधारण आम बैठक (EGM) में कई अहम प्रस्तावों पर अपनी मुहर लगा दी है। इन प्रस्तावों को 99.999% वोट के साथ लगभग सर्वसम्मति से मंजूरी मिली, जिससे कंपनी की अधिकृत शेयर पूंजी (Authorized Share Capital) में एक बड़ी बढ़ोतरी होगी और इक्विटी शेयरों का प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट (Preferential Allotment) संभव हो सकेगा। मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) की नियुक्ति को 99.75% वोट मिले।
इस शेयर पूंजी की बढ़ोतरी और प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट से Blue Cloud Softech को जरूरी फंड जुटाने में मदद मिलेगी, जिसका इस्तेमाल कंपनी अपने विस्तार, नए प्रोजेक्ट्स या बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए कर सकती है। प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के ज़रिए कंपनी चुनिंदा निवेशकों को तय कीमत पर शेयर जारी कर सकेगी, हालांकि इससे मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी (Stake) में कमी आ सकती है।
बैठक में निदेशक मंडल (Board) में भी महत्वपूर्ण बदलावों को मंजूरी दी गई। Mr. Vankineni Krishna Babu के पद को नियमित किया गया और Mr. Vinod Babu Bollikonda को मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) नियुक्त किया गया। इसी बीच, नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर Mr. Vankineni Krishna Babu ने 4 मई, 2026 से व्यक्तिगत कारणों और नई अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जिम्मेदारियों के चलते इस्तीफा भी दे दिया।
Blue Cloud Softech का पहले भी प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के ज़रिए फंड जुटाने का इतिहास रहा है। दिसंबर 2025 में UAE की Siraj Holdings LLC ने कंपनी में 23.33% की हिस्सेदारी ली थी। उसी साल दिसंबर में, AIS Anywhere के अधिग्रहण के तहत 31.68 करोड़ इक्विटी शेयर जारी कर उसे पूरी तरह से अपनी सहायक कंपनी बनाया था।
इन प्रस्तावों के पास होने से कंपनी अपने मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (MOA) को बढ़ाई गई अधिकृत शेयर कैपिटल के अनुसार अपडेट करेगी। साथ ही, कंपनी अब चुनिंदा निवेशकों को इक्विटी शेयर जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है। निदेशक मंडल की भूमिकाओं को नियमित करने और नए MD की नियुक्ति से नेतृत्व में निरंतरता बनी रहेगी, जिससे कंपनी को ग्रोथ के अवसरों का फायदा उठाने के लिए वित्तीय लचीलापन मिलेगा।
Blue Cloud Softech IT कंसल्टिंग और आउटसोर्सिंग सेक्टर में काम करती है, जहाँ Sonata Software Ltd., Newgen Software Technologies Ltd. और global प्लेयर UST जैसी कंपनियां भी मौजूद हैं।
अब निवेशकों को प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट की शर्तें, उसमें शामिल निवेशक, नए इक्विटी शेयरों के जारी होने और लिस्टिंग का समय, जुटाए गए फंड का इस्तेमाल कैसे होगा, और भविष्य की ग्रोथ में इसका क्या योगदान होगा, इन सब पर नजर रखनी चाहिए। इसके अलावा, EGM प्रस्तावों के बाद बोर्ड में होने वाले अन्य बदलाव और मैनेजमेंट की रणनीति पर भी ध्यान देना अहम होगा।
