बोर्ड को मिली नई ताकत
Avantel Ltd अपने कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) को और मजबूत करने के लिए लगातार कदम उठा रही है। इसी कड़ी में, कंपनी ने दो नए नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स को बोर्ड में शामिल किया है। इन नियुक्तियों का कार्यकाल 26 अप्रैल, 2026 से 25 अप्रैल, 2031 तक, यानी पांच साल के लिए होगा। इसका मकसद बोर्ड में नई विशेषज्ञता और स्वतंत्र राय लाना है।
नए ऑडिटर नियुक्त, गवर्नेंस पर फोकस
सिर्फ डायरेक्टर्स ही नहीं, कंपनी ने नए ऑडिटर भी नियुक्त किए हैं। M/s. Grandhy & Co. को पांच साल की अवधि के लिए कंपनी का स्टेट्यूटरी ऑडिटर (Statutory Auditor) बनाया गया है, हालांकि यह शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर करेगा। वहीं, M/s. MPR & Associates कॉस्ट ऑडिटर (Cost Auditor) और M/s. Ramesh & Co. इंटरनल ऑडिटर (Internal Auditor) के तौर पर काम देखेंगे। ये नियुक्तियां मार्च 2027 में समाप्त हो रहे फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) के लिए की गई हैं।
प्रमुख कमेटियों का भी पुनर्गठन
इन अहम नियुक्तियों के साथ, Avantel ने अपने बोर्ड की प्रमुख कमेटियों को भी पुनर्गठित किया है। इनमें ऑडिट कमेटी (Audit Committee), नॉमिनेशन एंड रेमुनरेशन कमेटी (Nomination & Remuneration Committee), स्टेकहोल्डर्स रिलेशनशिप कमेटी (Stakeholders Relationship Committee) और सीएसआर कमेटी (CSR Committee) शामिल हैं। यह कदम गवर्नेंस और ओवरसाइट को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की नियुक्ति किसी भी कंपनी के लिए मजबूत कॉर्पोरेट गवर्नेंस का एक अहम हिस्सा होती है। ये निष्पक्ष निर्णय लेने और शेयरधारकों के हितों की रक्षा करने में मदद करते हैं। नए ऑडिटर्स वित्तीय बयानों पर एक स्वतंत्र राय देते हैं, जो पारदर्शिता और निवेशकों के भरोसे के लिए बहुत ज़रूरी है।
आगे क्या?
निवेशकों की नजर अब कंपनी की अगली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) पर होगी, जहाँ M/s. Grandhy & Co. की स्टेट्यूटरी ऑडिटर के तौर पर नियुक्ति पर शेयरधारकों की मंजूरी ली जाएगी। यह प्रक्रिया आमतौर पर रूटीन होती है, लेकिन इसकी मंजूरी आवश्यक है।
इंडस्ट्री में Avantel का स्थान
Avantel डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकॉम इक्विपमेंट (Telecom Equipment) सेक्टर में काम करती है। इस तरह की नियुक्तियां और कॉर्पोरेट गवर्नेंस को मजबूत करना इंडस्ट्री में एक स्टैंडर्ड प्रैक्टिस है, जो HFCL Ltd, ITI Ltd, और Bharat Electronics Ltd जैसी अन्य बड़ी कंपनियों में भी देखी जाती है।
