Aqylon Nexus Limited ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए ₹575.80 लाख यानी ₹5.76 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी का रेवेन्यू भी 119.6% बढ़कर ₹1,320.44 लाख यानी ₹13.20 करोड़ पर पहुंच गया।
यह वित्तीय नतीजे कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ हैं, क्योंकि पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) में उसे ₹22.37 करोड़ का घाटा हुआ था। इस बार रेवेन्यू में ₹6.01 करोड़ (FY25) की तुलना में ₹13.20 करोड़ (FY26) तक की जोरदार उछाल देखी गई। इस शानदार प्रदर्शन के बीच, कंपनी अपनी AI टेक्नोलॉजी को मजबूत करने के लिए UAE में एक पूरी तरह से अपनी मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी स्थापित करने जा रही है।
हालांकि, बोर्ड ने Energon Petroproducts Private Limited की ओर से Aqylon Nexus में अपनी 100% हिस्सेदारी बेचने के प्रस्ताव पर भी गौर किया है। इस प्रस्ताव ने कंपनी के भविष्य के मालिकाना हक और रणनीतिक दिशा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कंपनी के लंबे समय से चले आ रहे घाटे और निगेटिव नेट वर्थ के कारण 'गोइंग कंसर्न' (यानी संचालन जारी रखने की क्षमता) का जोखिम बना हुआ है, हालांकि प्रमोटर्स का वित्तीय सपोर्ट इसे मैनेज कर रहा है।
यह भी बता दें कि Aqylon Nexus, जो पहले Sri Adhikari Brothers Television Network के नाम से जानी जाती थी, ने 2026 की शुरुआत में अपना बिजनेस मॉडल मीडिया से डीप-टेक और AI की ओर मोड़ लिया है।
निवेशकों के लिए, यह वित्तीय प्रदर्शन में सुधार की संभावना दिखाता है, जो कंपनी के पिछले घाटे वाले चक्र को खत्म कर सकता है। UAE सब्सिडियरी के साथ कंपनी का ग्लोबल फुटप्रिंट बढ़ने की उम्मीद है। वहीं, मालिकाना हक में संभावित बदलाव नए मैनेजमेंट या रणनीतिक फोकस को ला सकता है। गोइंग कंसर्न जोखिम को मैनेज करने में प्रमोटरों का सपोर्ट महत्वपूर्ण बना रहेगा।
सबसे बड़ा जोखिम 'गोइंग कंसर्न' से जुड़ा है, जिसमें कंपनी के संचित घाटे और निगेटिव नेट वर्थ ऑपरेशनल निरंतरता पर अनिश्चितता पैदा करते हैं, भले ही प्रमोटर्स सपोर्ट कर रहे हों। हिस्सेदारी बिक्री का प्रस्ताव भी अनिश्चित है क्योंकि यह अभी फाइनल नहीं हुआ है। इसके अलावा, कंपनी की बैलेंस शीट की समस्याएं और पिछला वित्तीय दबाव अभी भी मौजूद हैं, जिन्हें दूर करने के लिए लगातार बेहतर प्रदर्शन की जरूरत होगी।
अपने नए AI फोकस के साथ, Aqylon Nexus का मुकाबला मीडिया कंपनियों जैसे Sun TV Network और Balaji Telefilms से अलग है, जिनके बिजनेस मॉडल भिन्न हैं। बड़ी IT फर्में भी AI में निवेश कर रही हैं, लेकिन Aqylon का खास फोकस और छोटा पैमाना इसे अलग बनाता है।
FY26 के लिए बेसिक EPS ₹0.23 रहा, जबकि FY25 में यह ₹0.88 का घाटा था। नेट प्रॉफिट FY26 में ₹5.76 करोड़ रहा, जो FY25 के ₹22.37 करोड़ के नेट लॉस से एक बड़ा सुधार है।
आगे चलकर, Energon Petroproducts के 100% हिस्सेदारी बेचने के प्रस्ताव पर क्या होता है, इस पर सबकी निगाहें रहेंगी। साथ ही, UAE में नई सब्सिडियरी के कामकाज और गोइंग कंसर्न अनिश्चितता को दूर करने के लिए मैनेजमेंट की योजनाओं पर भी ध्यान दिया जाएगा।
