FY26 के लिए Aqylon Nexus ने ₹5.76 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट (Net Profit) घोषित किया है, जो 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वर्ष के लिए है। यह पिछले वित्तीय वर्ष में हुए ₹22.37 करोड़ के नेट लॉस से एक बड़ी राहत है। कंपनी के रेवेन्यू (Revenue) में भी सालाना आधार पर 121.36% की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई, जो पूरे साल के लिए ₹13.60 करोड़ रहा।
चौथी तिमाही में लगा झटका
मगर, इन सालाना नतीजों के बीच कंपनी के लिए चौथी तिमाही (Q4 FY26) के आंकड़े चिंताजनक रहे। इस तिमाही में ₹7.99 करोड़ का बड़ा स्टैंडअलोन नेट लॉस (Net Loss) दर्ज किया गया, जबकि रेवेन्यू में सालाना 174.45% की उछाल के साथ यह ₹3.94 करोड़ रहा।
कंपनी ने अपने शॉर्ट-टर्म उधार (Short-term Borrowings) को भी काफी कम किया है, जो पूरे फाइनेंशियल ईयर में ₹6,390.00 लाख से घटकर ₹1,303.32 लाख रह गया है।
कैसे आया सालाना मुनाफा?
यह सालाना प्रॉफिट संभव हो पाया है एक कोर्ट-अप्रूव्ड रेजोल्यूशन प्लान (Resolution Plan) के सफल कार्यान्वयन और खास तौर पर प्रॉपर्टी की बिक्री (Property Sales) से हुए ₹9.62 करोड़ के बड़े फायदे की वजह से। इस एकमुश्त आय ने परिचालन खर्चों (Operational Expenses) को कवर करने और प्रॉफिट में आने में अहम भूमिका निभाई।
ऑडिटर की चेतावनी
इन सबके बावजूद, कंपनी का नेट वर्थ (Net Worth) अभी भी नेगेटिव ₹(567.79) लाख है। ऑडिटर ने अपनी रिपोर्ट में एक 'मटेरियल अनसर्टेनिटी' (Material Uncertainty) का जिक्र किया है, जो कंपनी के 'गोइंग कंसर्न' यानी भविष्य में चलते रहने की क्षमता पर सवाल उठाती है। यह मौजूदा लॉस और नेगेटिव नेट वर्थ को देखते हुए है।
कंपनी का पिछला सफर
Aqylon Nexus, जिसका पुराना नाम Sri Adhikari Brothers Television Network Limited था, 2019 में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के तहत पहुंची थी। सितंबर 2025 में NCLT द्वारा रेजोल्यूशन प्लान को मंजूरी मिली और जनवरी 2026 में कंपनी का नाम बदलकर Aqylon Nexus Limited कर दिया गया।
नए सेक्टर में कंपनी
अब कंपनी मीडिया से निकलकर AI, स्पेस टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर जैसे नए टेक्नोलॉजी सेक्टर पर फोकस कर रही है।
मुख्य वित्तीय जोखिम
- गोइंग कंसर्न पर संदेह: ऑडिटर ने कंपनी के संचालन जारी रखने की क्षमता पर मटेरियल अनसर्टेनिटी जताई है।
- नेगेटिव नेट वर्थ: देनदारियों (Liabilities) संपत्तियों (Assets) से ज्यादा हैं।
- परिचालन घाटा: एकमुश्त आय को छोड़कर, कोर बिजनेस में नुकसान है।
- स्थिरता की कमी: चौथी तिमाही का बड़ा घाटा अनिश्चितता दर्शाता है।
