शेयरहोल्डर्स की मंजूरी जरूरी: कब और कैसे होगी वोटिंग?
कंपनी शेयरहोल्डर्स से पोस्टल बैलट (Postal Ballot) के जरिए वोटिंग कराने की तैयारी में है। ई-वोटिंग (E-voting) की प्रक्रिया 4 मई, 2026 से शुरू होकर 2 जून, 2026 तक चलेगी। वहीं, इस वोटिंग के नतीजे 4 जून, 2026 तक जारी कर दिए जाएंगे। यह भी बताया गया है कि इन नए डायरेक्टर्स की नियुक्ति 5 मार्च, 2026 से प्रभावी मानी जाएगी।
कंपनी की आर्थिक स्थिति: इनकम में गिरावट, पर मुनाफा?
31 मार्च, 2025 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY25) के लिए Anka India ने कुल आय (Total Income) ₹63.9 लाख बताई है। वहीं, टैक्स के बाद कंपनी का मुनाफा (Profit After Tax - PAT) ₹23.2 लाख रहा। यह पिछले साल, यानी FY24 में दर्ज किए गए ₹42 लाख के मुनाफे से कम है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि कंपनी का अपने मुख्य कारोबार से होने वाला राजस्व (Revenue from Operations) लगातार शून्य बना हुआ है।
नए मैनेजमेंट का IT सेक्टर पर फोकस
इस बार कंपनी ने मैनेजिंग डायरेक्टर (Managing Director) के पद के लिए मिस्टर स्पार्क सूद (Mr. Spark Sood) के नाम का प्रस्ताव रखा है। उन्हें सालाना ₹18.7 लाख का रेमुनरेशन (Remuneration) दिया जाएगा। सालों से निष्क्रिय पड़ी इस कंपनी ने अब अपने कारोबार के उद्देश्यों में बदलाव किया है और वह विशेष रूप से IT और एडवरटाइजिंग (Advertising) सेवाओं पर ध्यान केंद्रित करेगी।
लंबे ब्रेक के बाद वापसी की कोशिश
यह कदम Anka India के लिए एक बड़े पुनरुद्धार (Revival) का संकेत है। कंपनी कई सालों से निष्क्रिय पड़ी थी और अब नए नेतृत्व के साथ IT सेक्टर में अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रही है। शेयरहोल्डर्स के वोट का नतीजा यह बताएगा कि वे इस नई रणनीति पर कितना भरोसा करते हैं।
कंपनी का पुराना स्वरूप और प्रमोटर में बदलाव
Anka India Ltd, जिसकी स्थापना 1994 में हुई थी, शुरुआत में शू सोल बनाने और ट्रेडिंग का काम करती थी। लेकिन अब कंपनी ने पूरी तरह से अपना रास्ता बदल लिया है और IT सेक्टर में कदम रख रही है, जहां वह डेटा एनालिटिक्स (Data Analytics) और कस्टम एप्लीकेशन डेवलपमेंट (Custom Application Development) जैसी सेवाएं देने की योजना बना रही है।
5 मार्च, 2026 को कंपनी में एक बड़ा फेरबदल हुआ, जब पांच प्रमुख लोगों, जिनमें इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स (Independent Directors) और कोर मैनेजमेंट (Core Management) शामिल थे, ने इस्तीफा दे दिया। यह तब हुआ जब नए प्रमोटर्स मिस्टर अमित शर्मा (Mr. Amit Sharma) और मिस्टर अर्जीत सचदेवा (Mr. Arjit Sachdeva) ने कंपनी का टेकओवर (Takeover) किया। इसके बाद ही वर्तमान बोर्ड ने नए नेतृत्व का प्रस्ताव रखा है।
IT सेक्टर की चुनौतियां और जोखिम
कंपनी के लिए इनएक्टिविटी (Inactivity) और पिछले कुछ सालों से राजस्व की कमी के बाद फिर से परिचालन (Operations) शुरू करना एक बड़ी चुनौती है। मुख्य कारोबार से पर्याप्त राजस्व जुटाना एक महत्वपूर्ण बाधा बनी हुई है, क्योंकि FY24 और FY25 दोनों में राजस्व शून्य ही रहा है। इसके अलावा, अत्यधिक प्रतिस्पर्धी IT सेक्टर में मजबूत एग्जीक्यूशन (Execution) क्षमताओं की जरूरत होगी, जिसे कंपनी को अब साबित करना होगा।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
Anka India की विशिष्ट स्थिति को देखते हुए, उसकी तुलना स्थापित IT फर्मों से करना मुश्किल है। शू सोल बनाने जैसे पुराने कारोबार का IT से कोई सीधा संबंध नहीं है।
निवेशक डायरेक्टर्स की नियुक्ति पर पोस्टल बैलट के नतीजों पर बारीकी से नजर रखेंगे। नया मैनेजमेंट IT सेक्टर में कारोबार को पुनर्जीवित करने और मुनाफा कमाने की क्या रणनीति लाता है, यह देखने लायक होगा। राजस्व बढ़ाने और परिचालन गतिविधियों में किसी भी प्रगति पर भी ध्यान देना जरूरी होगा।
