Affle India Limited ने वित्त वर्ष 2025 (FY25) की चौथी तिमाही और पूरे साल के नतीजों की घोषणा की है, जिसमें कंपनी ने शानदार परफॉरमेंस दिखाई है।
मजबूत वित्तीय नतीजे
कंसोलिडेटेड बेस पर, FY25 में कंपनी की कुल आय (Total Income) पिछले साल के मुकाबले 18.11% बढ़कर ₹2,787.56 करोड़ रही। वहीं, नेट प्रॉफिट में 19.11% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी के साथ यह ₹454.85 करोड़ पर पहुंच गया। यह प्रॉफिट ग्रोथ, रेवेन्यू ग्रोथ से भी तेज़ रही, जो कंपनी की बढ़ती एफिशिएंसी को दर्शाता है।
Q4 FY25 की बात करें तो, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 20.04% की तेज़ रफ़्तार से बढ़कर ₹745.65 करोड़ हुआ, और इस तिमाही में ₹119.51 करोड़ का प्रॉफिट दर्ज किया गया।
कैपिटल रेज़ और फाइनेंसियल हेल्थ
एक महत्वपूर्ण डेवलपमेंट यह है कि कंपनी प्रमोटर ग्रुप से Preferential Warrants के ज़रिए ₹1,100.38 करोड़ तक की कैपिटल रेज़ करने की योजना बना रही है। यह कदम कंपनी के भविष्य के विस्तार, नई टेक्नोलॉजी में निवेश या संभावित एक्विजिशन के लिए फंड मुहैया कराएगा और प्रमोटर्स का कंपनी में मज़बूत भरोसा भी दिखाता है।
इसके अलावा, कंपनी ने अपने बैलेंस शीट को भी मज़बूत किया है। कंसोलिडेटेड लेवल पर नॉन-करंट बोरिंग्स (Non-current borrowings) को पिछले साल के ₹106.61 मिलियन से घटाकर सिर्फ ₹19.18 मिलियन कर दिया गया है, जो फाइनेंसियल स्थिरता का संकेत है।
चुनौतियां और भविष्य की राह
हालांकि, कंपनी के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। पूरे साल के लिए कंसोलिडेटेड टोटल एक्सपेंस में 17.78% की बढ़त देखी गई है, जिसका मुख्य कारण इन्वेंटरी और डेटा कॉस्ट का बढ़ना है। ये लागतें ₹13,793.14 मिलियन से बढ़कर ₹16,798.18 मिलियन हो गई हैं। इन बढ़ती लागतों को प्रभावी ढंग से मैनेज करना कंपनी के लिए भविष्य में प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण होगा।
Ad-tech सेक्टर में Affle India अपनी जगह बना रही है। Nazara Technologies और OnMobile Global जैसे प्रतिस्पर्धियों के बीच, Affle का Consumer Intelligence Platform इसे अलग पहचान देता है। लगातार बदलते डिजिटल एड रेगुलेशंस और कंज्यूमर बिहेवियर के बीच कंपनी अपनी ग्लोबल उपस्थिति को मज़बूत करने पर ध्यान दे रही है।
