SEBI नियमों का पालन, कंपनी की पारदर्शिता
Affle (India) Limited ने स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई जानकारी में इस बात की पुष्टि की है। 13 मई, 2026 को Carnelian Asset Management के साथ हुई यह One-on-One मीटिंग थी, और कंपनी ने स्पष्ट किया कि इस दौरान कोई भी ऐसी जानकारी नहीं बांटी गई जो सार्वजनिक न हो और जिसके शेयर की कीमतों पर असर पड़ने की संभावना हो।
बाजार की इंटीग्रिटी बनाए रखने पर जोर
SEBI (Securities and Exchange Board of India) के लिस्टिंग रेगुलेशंस (Listing Regulations) के तहत, ऐसी पारदर्शिता बनाए रखना बेहद जरूरी है। यह सुनिश्चित करता है कि किसी भी खास एंटिटी (Entity) को विशेष या कीमती जानकारी का अनुचित लाभ न मिले। Affle India का यह कदम कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) और सभी निवेशकों के लिए समान जानकारी सुनिश्चित करने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
रेगुलेटरी कंप्लायंस के प्रति समर्पण
एक ग्लोबल एड-टेक (Ad-tech) कंपनी के तौर पर, Affle India कड़े SEBI नियमों के तहत काम करती है। इन नियमों में मटेरियल (Material) या प्राइस-सेंसिटिव जानकारी के चुनिंदा डिस्क्लोजर (Selective Disclosure) पर रोक है। इन सख्त गाइडलाइन्स का पालन करना न केवल रेगुलेटरी कंप्लायंस (Regulatory Compliance) के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि संभावित पेनल्टी (Penalty) से भी बचाता है। कंपनी इंस्टीटूशनल इन्वेस्टर्स (Institutional Investors) के साथ अपनी एंगेजमेंट जारी रखे हुए है।
