मार्च 2026 को समाप्त हुई चौथी तिमाही (Q4 FY26) के लिए ICRA की मॉनिटरिंग रिपोर्ट ने Affle 3I Limited के प्रेफरेंशियल इश्यू (preferential issue) से जुटाए गए फंड के इस्तेमाल की पुष्टि कर दी है। इन फंड्स का उपयोग टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट (technology development), इनऑर्गेनिक ग्रोथ (inorganic growth) और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों (general corporate purposes) के लिए किया जा रहा है। रिपोर्ट में इश्यू से जुड़े खर्चों (expenses) में ₹0.6 करोड़ की मामूली बढ़ोतरी का भी उल्लेख है, जिसके बाद 31 मार्च, 2026 तक संशोधित नेट प्रोसीड्स (net proceeds) ₹737.43 करोड़ हो गए हैं। ICRA इस संशोधित राशि की लगातार निगरानी करेगा।
31 मार्च, 2026 की स्थिति के अनुसार, Affle 3I ने कुल जुटाए गए फंड में से ₹238.32 करोड़ का इस्तेमाल किया है। वहीं, ₹499.11 करोड़ की एक महत्वपूर्ण रकम अभी भी अप्रयुक्त (unutilized) है। सबसे अहम बात यह है कि इन अप्रयुक्त निवेशों का बाजार मूल्य (market value) ₹584.58 करोड़ था, जो कि बुक वैल्यू से कहीं अधिक है। इससे पता चलता है कि कंपनी ने जहां निवेश किया है, उसका वैल्यूएशन काफी मज़बूत है।
निवेशकों के लिए क्या मायने?
ICRA की ओर से फंड के उपयोग की यह पुष्टि शेयरधारकों (stakeholders) को कंपनी की कैपिटल डिप्लॉयमेंट स्ट्रैटेजी (capital deployment strategy) को लेकर आश्वस्त करती है। यह टेक्नोलॉजी को बेहतर बनाने और ग्रोथ के अवसरों को भुनाने की कंपनी की योजनाओं पर विश्वास को और मज़बूत करता है। एक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी द्वारा की जा रही निगरानी, फंड के इस्तेमाल की प्रक्रिया में पारदर्शिता (transparency) और विश्वसनीयता (credibility) का एक अतिरिक्त स्तर जोड़ती है। यह शेयरधारकों की अपेक्षाओं के अनुरूप है, जो कंपनी से पूंजी (capital) के समझदारी भरे आवंटन की उम्मीद करते हैं।
Affle 3I के बारे में
Affle (India) Ltd, जो कि पेरेंट कंपनी है, मुख्य रूप से डिजिटल एडवरटाइजिंग (digital advertising) और डेटा एनालिटिक्स (data analytics) के क्षेत्र में सक्रिय है। कंपनी लगातार कैपिटल रेज़ (capital raises) के ज़रिए ग्रोथ हासिल करती है, जिसमें जुटाए गए फंड का उपयोग टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने, रणनीतिक एक्वीजीशन (strategic acquisitions) तलाशने और अपनी मार्केट प्रेज़ेंस (market presence) का विस्तार करने के लिए किया जाता है।
यह उसी तरह की ग्रोथ स्ट्रैटेजी है जिसे इंडस्ट्री की अन्य कंपनियां भी अपना रही हैं, जैसे Nazara Technologies, जो अपने विस्तार के लिए इसी तरह की पूंजी का इस्तेमाल करती है। भविष्य में, निवेशक ICRA की ओर से संशोधित नेट प्रोसीड्स की जारी निगरानी पर नज़र रखेंगे। साथ ही, शेष ₹499.11 करोड़ के इस्तेमाल की रफ़्तार, नई टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट और इनऑर्गेनिक ग्रोथ की घोषणाओं पर भी नज़र रखी जाएगी।
