AVI Polymers ने अपने निवेशकों को एक बड़ी खुशखबरी दी है। कंपनी ने न केवल अपने AI-पावर्ड स्मार्ट फार्मिंग प्लेटफॉर्म 'KrishiBuddy' को लॉन्च किया है, बल्कि Q3 FY26 के लिए ₹7.02 करोड़ (यानी ₹701.98 लाख) का शानदार नेट प्रॉफिट भी दर्ज किया है। यह कदम कंपनी के लिए एक अहम पड़ाव साबित हो सकता है, क्योंकि वे पारंपरिक पॉलिमर और केमिकल ट्रेडिंग से हटकर तेजी से बढ़ते एग्री-टेक सेक्टर में अपनी पहचान बना रहे हैं।
'KrishiBuddy' को कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी AVI Eco Spark Private Limited ने विकसित किया है। यह प्लेटफॉर्म भारतीय किसानों को उन्नत कृषि डेटा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लाया गया है। इसकी सबसे खास बात यह है कि यह हिंदी, अंग्रेजी और हिंग्लिश जैसी क्षेत्रीय भाषाओं में वॉयस, टेक्स्ट और इमेज इनपुट को सपोर्ट करने वाला एक बहुभाषी AI इंटरफ़ेस प्रदान करता है। साथ ही, यह फसल की निगरानी के लिए सैटेलाइट इमेजरी को इंटीग्रेट करता है और वित्तीय योजना व कीट प्रबंधन जैसे जरूरी टूल्स भी ऑफर करता है।
यह मूव AVI Polymers के लिए एक बड़ा स्ट्रैटेजिक शिफ्ट है। कंपनी अब इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट ट्रेडिंग से हटकर इनोवेशन-लेड टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस की ओर बढ़ रही है। भारत में एग्री-टेक सेक्टर में बड़ी ग्रोथ की संभावना है, खासकर खेती में दक्षता और स्थिरता की बढ़ती जरूरत को देखते हुए। AI और सैटेलाइट डेटा का उपयोग करके, AVI Polymers स्केलेबल, टेक्नोलॉजी-ड्रिवेन रेवेन्यू बनाने का लक्ष्य बना रही है।
कंपनी, जिसकी स्थापना 1993 में हुई थी, पॉलिमर कंपाउंड्स बनाने और केमिकल्स व पॉलिमर्स की ट्रेडिंग का काम करती रही है। हाल के वर्षों में कंपनी की सेल्स लगभग शून्य के करीब रही थी, ऐसे में यह नया कदम कंपनी के बिजनेस मॉडल को फिर से परिभाषित करने का प्रयास है। भविष्य में, कंपनी यूजर बेस बनाने और IoT हार्डवेयर पेश करने की योजना बना रही है, ताकि बढ़ते एग्री-टेक स्पेस में अपनी जगह बना सके। कंपनी ने B2B मार्केटप्लेस कमीशन, SaaS सब्सक्रिप्शन और एग्रीकल्चरल डेटा मोनेटाइजेशन जैसे नए रेवेन्यू स्ट्रीम्स के प्लान भी साझा किए हैं।
हालांकि, इस नई राह में कुछ चुनौतियां भी हैं। भारत का एग्री-टेक सेक्टर काफी कॉम्पिटिटिव है, जिसमें Fasal, Cropin, Ninjacart और BharatAgri जैसी कई कंपनियां पहले से ही सक्रिय हैं। इन कंपनियों के पास AI-संचालित फार्मिंग प्रेडिक्शन्स, क्रॉप मैनेजमेंट के लिए डेटा साइंस, कुशल सप्लाई चेन और किसान सलाहकार सेवाएं जैसे समाधान पहले से मौजूद हैं। कंपनी का पिछला अनुभव मुख्य रूप से पॉलिमर और केमिकल्स में रहा है, ऐसे में तेजी से विकसित हो रहे एग्री-टेक उद्योग में सफलता की गारंटी नहीं है।
वित्तीय मोर्चे पर, कंपनी के पिछले तीन वर्षों में डेट टू इक्विटी रेशियो 16.74% रहा है, और रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 15.59% दर्ज किया गया है।
