ACME Solar का नया कमाल: Rajasthan में 33 MW BESS चालू, कुल क्षमता हुई 200 MW पार!

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
ACME Solar का नया कमाल: Rajasthan में 33 MW BESS चालू, कुल क्षमता हुई 200 MW पार!
Overview

ACME Solar Holdings Ltd की एक सहायक कंपनी ने Rajasthan में एक नया 33.333 MW / 160.480 MWh बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) प्रोजेक्ट चालू कर दिया है। इससे कंपनी की कुल ऑपरेशनल क्षमता अब **200.00 MW** / **962.940 MWh** तक पहुंच गई है। इस नए BESS प्रोजेक्ट का कमर्शियल ऑपरेशन **06 मई, 2026** से शुरू होगा।

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यह कदम भारत के ऊर्जा क्षेत्र के लिए बेहद अहम है। बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) जैसे प्रोजेक्ट्स, नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों जैसे सोलर और विंड को राष्ट्रीय ग्रिड से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये सिस्टम कम मांग के समय अतिरिक्त ऊर्जा को स्टोर करके और पीक डिमांड पर उसे जारी करके ग्रिड को स्थिर बनाने में मदद करते हैं। ACME Solar के लिए, यह विस्तार न केवल रेवेन्यू के नए रास्ते खोलता है, बल्कि एक भरोसेमंद और डिस्पेचेबल पावर देने वाले रिन्यूएबल एनर्जी प्रोवाइडर के तौर पर कंपनी की स्थिति को भी मजबूत करता है।

ACME Solar Holdings, जो कि एक प्रमुख इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर (IPP) है, लगातार अपनी एनर्जी स्टोरेज क्षमताएं बढ़ा रहा है। कंपनी विशेष रूप से Rajasthan में BESS प्रोजेक्ट्स को चालू करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, ताकि भारत के महत्वाकांक्षी रिन्यूएबल एनर्जी लक्ष्यों को पूरा किया जा सके और ग्रिड की विश्वसनीयता बढ़ाई जा सके।

भारतीय एनर्जी स्टोरेज सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है, जिसमें Tata Power और Adani Green Energy जैसे बड़े खिलाड़ी भी अपनी उपस्थिति बढ़ा रहे हैं। Sterling and Wilson Renewable Energy जैसी कंपनियां भी इसमें EPC कॉन्ट्रैक्टर के तौर पर सक्रिय हैं।

हालांकि, ACME Solar को कुछ चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। कंपनी ₹149.73 करोड़ के गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) डिमांड नोटिस को चुनौती दे रही है। इसके अलावा, कंपनी को अन्य सोलर प्रोजेक्ट्स में देरी के कारण हुए नुकसान के लिए पेनल्टी और मुआवजे का भी सामना करना पड़ रहा है। एक वरिष्ठ एग्जीक्यूटिव SEBI के इनसाइडर ट्रेडिंग उल्लंघन मामले में भी शामिल थे। साथ ही, एक सब्सिडियरी कस्टम ड्यूटी और GST दावों में लगभग ₹7.82 करोड़ की छूट के लिए अपील कर रही है। इन सबके अलावा, टेक्नोलॉजिकल बदलाव, ग्रिड इंटीग्रेशन और बदलते रेगुलेटरी नियमों का जोखिम भी बना रहता है।

कुल मिलाकर, इस नए BESS प्रोजेक्ट की शुरुआत से ACME Solar की जनरेशन और स्टोरेज क्षमता बढ़ी है, जिससे बाजार में उसकी स्थिति मजबूत हुई है। यह विस्तार ग्रिड सपोर्ट सेवाओं से नए रेवेन्यू की उम्मीद जगाता है। भविष्य में, 06 मई, 2026 को कमर्शियल ऑपरेशंस की शुरुआत, नए BESS का प्रदर्शन, GST डिमांड और अन्य दावों का समाधान, और भारत के एनर्जी स्टोरेज सेक्टर में रेगुलेटरी डेवलपमेंट पर नज़र रखी जाएगी।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.