टैक्स विवाद का निपटारा
3i Infotech Digital BPS Limited को 23 मार्च, 2026 को टैक्स अथॉरिटीज से एक फाइनल ऑर्डर मिला है। इसके साथ ही, कंपनी का फाइनेंशियल ईयर 2013-14 के लिए इनकम टैक्स लिटिगेशन (Income Tax Litigation) पूरी तरह से सेटल हो गया है। यह निपटारा सरकार की 'डायरेक्ट टैक्स विवाद से विश्वास स्कीम, 2024' के तहत किया गया है।
'विवाद से विश्वास' स्कीम की भूमिका
यह स्कीम सरकार द्वारा लंबित डायरेक्ट टैक्स विवादों को तेजी से निपटाने के लिए लाई गई थी। 3i Infotech Digital BPS ने इसी स्कीम का फायदा उठाकर अपने पुराने टैक्स मामले को सुलझाया है। यह पहले 26 नवंबर, 2025 को जारी हुए रिवाइज्ड फॉर्म 2 की पुष्टि करता है। इस सेटलमेंट से कंपनी को लंबित टैक्स देनदारियों और संभावित पेनल्टी (Penalty) से छुटकारा मिला है, जिससे कंपनी की बैलेंस शीट अब और बेहतर दिखेगी।
₹14.14 करोड़ की पेनल्टी से भी मिली राहत
गौरतलब है कि इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (Income Tax Appellate Tribunal) ने AY 2013-14 से संबंधित एक ₹14.14 करोड़ की पेनल्टी को पहले ही डिलीट (Delete) कर दिया था। इस नए सेटलमेंट से कंपनी को एक बड़ा टैक्स मामला सुलझाने में मदद मिली है, जिससे मैनेजमेंट अब अपने मुख्य ऑपरेशन्स और ग्रोथ पर ज्यादा ध्यान दे पाएगा।
अन्य चिंताएं जिन पर रहेगी नजर
हालांकि, यह एक अच्छी खबर है, लेकिन 3i Infotech के लिए कुछ अन्य मुद्दे भी चिंता का विषय रहे हैं। 2019 में SEBI ने कैपिटल एडिक्वेसी रिक्वायरमेंट्स (Capital Adequacy Requirements) को लेकर चेतावनी दी थी। वहीं, फरवरी 2026 में इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) के पास एक शिकायत दर्ज की गई थी, जो अभी जांच के दायरे में है। इन सबके बीच, यह टैक्स सेटलमेंट कंपनी के लिए निश्चित रूप से एक पॉजिटिव कदम है।
मार्केट में प्रतिद्वंद्विता
3i Infotech आईटी सर्विसेज सेक्टर में Mphasis, Coforge, Birlasoft, Sonata और Cyient जैसी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है। जहां एक ओर कंपनी अपने पुराने मामलों को सुलझा रही है, वहीं उसके प्रतियोगी अपने डिजिटल सर्विसेज पोर्टफोलियो का विस्तार कर रहे हैं।
