Neo Infracon Limited में प्रमोटरों ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। कंपनी के प्रमोटर ग्रुप ने 27 मार्च 2026 को ओपन मार्केट ट्रांजैक्शन के ज़रिए 2,489 शेयर अपने नाम किए हैं। इस खरीद के बाद, प्रमोटर्स की कुल हिस्सेदारी बढ़कर 3,69,550 शेयर हो गई है, जो कंपनी की कुल वोटिंग कैपिटल का 6.96% है। इससे पहले, प्रमोटर ग्रुप के पास कंपनी के 6.92% वोटिंग कैपिटल के बराबर 3,67,061 शेयर थे।
प्रमोटरों का भरोसा?
शेयरहोल्डिंग में यह मामूली बढ़ोतरी भी बाजार के लिए एक पॉजिटिव संकेत मानी जाती है। इससे पता चलता है कि कंपनी के अंदरूनी लोग Neo Infracon के भविष्य की संभावनाओं और वैल्यू को लेकर आश्वस्त हैं।
कंपनी की कहानी और चुनौतियाँ
Neo Infracon Limited, जिसकी स्थापना 1981 में हुई थी और पहले इसका नाम Anuvin Industries Limited था, भारत के रियल एस्टेट कंस्ट्रक्शन और डेवलपमेंट सेक्टर में काम करती है, खासकर मुंबई में। हाल के महीनों में, प्रमोटर मेंबर्स जैसे Darshik D. Mehta और Bhavik N. Mehta द्वारा लगातार छोटी-छोटी खरीदारी की गई है, जो मालिकाना हक को मजबूत करने के एक सोचे-समझे प्रयास को दर्शाती है।
हालांकि, अंदरूनी खरीद के बावजूद, Neo Infracon कई बड़ी चुनौतियों का सामना कर रही है। कंपनी की बिजनेस की असल मजबूती सवालों के घेरे में है। कंपनी पर भारी कर्ज (High Debt Burden) है और मुनाफे (Profitability) को लेकर भी चिंताएं हैं। रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) और रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) काफी कम है। इसके अलावा, ₹18.7 करोड़ की बड़ी कंटीजेंट लायबिलिटीज (Contingent Liabilities) पर कड़ी नज़र रखने की ज़रूरत है। इन मुद्दों को देखते हुए, 4 मार्च 2026 को स्टॉक को 'Sell' रेटिंग भी मिली थी।
रेगुलेटरी फाइलिंग और आगे क्या?
शेयरों की खरीद और मालिकाना हक में बदलाव की यह जानकारी 28 मार्च 2026 को SEBI के Substantial Acquisition of Shares and Takeovers Regulations, 2011 के तहत फाइल की गई है। Neo Infracon रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में Man Infraconstruction Ltd, PSP Projects Ltd, और Mahindra Lifespace Developers Ltd जैसे अन्य खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है।
निवेशकों की नज़रें आगे भी प्रमोटरों की तरफ से होने वाली खरीद पर रहेंगी, जो सेंटीमेंट को और मज़बूत कर सकती हैं। कंपनी के फाइनेंशियल परफॉरमेंस में सुधार, कर्ज कम करने के प्रयास, और किसी भी रणनीतिक घोषणा या प्रोजेक्ट अपडेट जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर नज़र रखना ज़रूरी होगा। स्टॉक पर बाजार की प्रतिक्रिया पर भी बारीकी से नज़र रखी जाएगी।
