कंसोलिडेटेड नतीजों में रॉकेट सी तेजी
Godrej Industries Ltd (GIL) के तिमाही और पूरे साल के नतीजे सामने आ गए हैं। कंपनी की कुल आय (Total Income) Q4 FY26 में साल-दर-साल 29.30% बढ़कर ₹8,274.35 करोड़ हो गई। इसी के साथ, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दोगुना से भी ज्यादा होकर 102.08% की तेजी के साथ ₹840.92 करोड़ पर जा पहुंचा।
पूरे वितीय साल 2025-26 (FY26) में, कंसोलिडेटेड टोटल इनकम 18.50% बढ़कर ₹25,980.60 करोड़ रही। कंसोलिडेटेड PAT भी 29.80% बढ़कर ₹2,411.91 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले वितीय साल FY25 में ₹1,858.24 करोड़ था। ये शानदार आंकड़े कंपनी के ग्रुप की विभिन्न कंपनियों के मजबूत प्रदर्शन का संकेत देते हैं।
स्टैंडअलोन यूनिट पर भारी दबाव
वहीं दूसरी तरफ, होल्डिंग कंपनी के तौर पर Godrej Industries की स्टैंडअलोन यूनिट के नतीजे चिंताजनक हैं। FY26 के दौरान स्टैंडअलोन प्रॉफिट में 67.83% की भारी गिरावट देखी गई। यह स्थिति कंपनी की अपनी पैरेंट यूनिट पर बढ़ते कर्ज (Leverage) और रेगुलेटरी चिंताओं की ओर इशारा करती है। मार्च 2026 के अंत तक स्टैंडअलोन बिजनेस का नेट डेट-इक्विटी रेशियो (Net Debt Equity Ratio) 5.50 रहा, जो कि काफी हाई माना जाता है।
रेगुलेटरी चिंता और आगे क्या?
इसके अलावा, कंपनी की एक सब्सिडियरी (Subsidiary) में मैनेजमेंट रेमुनरेशन (Managerial Remuneration) को लेकर रेगुलेटरी समस्या भी सामने आई है, जिसमें कानूनी सीमा से ₹21.57 करोड़ अधिक भुगतान किया गया। कंसोलिडेटेड आधार पर ₹65.81 करोड़ और स्टैंडअलोन आधार पर ₹8.21 करोड़ की एक्सेप्शनल लायबिलिटीज (Exceptional Liabilities) भी दर्ज की गई हैं।
निवेशक अब मैनेजमेंट से स्टैंडअलोन यूनिट की प्रॉफिटेबिलिटी सुधारने और कर्ज कम करने की रणनीति का इंतजार कर रहे हैं। साथ ही, सब्सिडियरी स्तर की रेगुलेटरी समस्या का समाधान भी अहम होगा।