Yash Innoventures Limited ने SEBI (Depositories and Participants) Regulations, 2018 के तहत अपने कंप्लायंस (Compliance) की आधिकारिक पुष्टि की है। यह कंप्लायंस 31 मार्च, 2026 तक की अवधि के लिए मान्य है।
कंपनी के रजिस्ट्रार, Purva Sharegistry (India) Private Limited, ने भी अपना सर्टिफिकेट जारी कर इस बात की तस्दीक की है। इससे निवेशकों को यह भरोसा मिलता है कि कंपनी अपने सिक्योरिटीज (Securities) को डीमैटरियलाइज्ड (इलेक्ट्रॉनिक) फॉर्म में सही ढंग से मैनेज कर रही है और शेयर ट्रांसफर (Share Transfer) से जुड़े रेगुलेटरी (Regulatory) नियमों का पालन कर रही है।
SEBI के इन नियमों का पालन भारत के कैपिटल मार्केट्स (Capital Markets) की इंटीग्रिटी (Integrity) को बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है। यह सुनिश्चित करता है कि शेयर के मालिकाना हक का इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसफर सभी शेयरहोल्डर्स (Shareholders) के लिए सुरक्षित, पारदर्शी (Transparent) और एफिशिएंट (Efficient) हो।
Yash Innoventures, जिसकी स्थापना 1991 में हुई थी, कंस्ट्रक्शन (Construction), इन्फ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure), और फायर सेफ्टी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग (Fire Safety Equipment Manufacturing) जैसे सेक्टर्स में काम करती है। Purva Sharegistry (India) Private Limited एक SEBI-रजिस्टर्ड रजिस्ट्रार और शेयर ट्रांसफर एजेंट (Share Transfer Agent) है, जो लिस्टेड कंपनियों के लिए ऐसे महत्वपूर्ण कंप्लायंस टास्क को मैनेज करने में माहिर है।
यह फाइलिंग खास तौर पर फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) के कंप्लायंस स्टेटस को संबोधित करती है, जो 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुई थी।
