GST विभाग ने Vijay Solvex Limited के लिए ₹8,49,978 का डिमांड ऑर्डर जारी किया है।
यह डिमांड तीन फाइनेंशियल ईयर - 2019-20 से 2021-22 तक की अवधि के लिए है। इसमें ₹4,24,989 इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के कथित अनुचित उपयोग के लिए और उतनी ही राशि पेनल्टी के तौर पर शामिल है। कंपनी ने इस ऑर्डर को चुनौती देने और इसके खिलाफ अपील करने की अपनी मंशा जाहिर की है। विजय सॉल्वैक्स को विश्वास है कि अपील का नतीजा उनके पक्ष में आएगा और इस मामले का कंपनी के वित्तीय कामकाज या ऑपरेशंस पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।
कंपनी ने 27 मार्च, 2026 को यह जानकारी दी कि उन्हें यह ऑर्डर 19 मार्च, 2026 को मिला था। यह ऑर्डर अलवर के सुपरिंटेंडेंट, सेंट्रल गुड्स एंड सर्विस टैक्स रेंज-II द्वारा जारी किया गया है। ऑर्डर में बताई गई अवधि के दौरान ITC के क्लेम और उसके उपयोग से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।
एग्रो-बेस्ड प्रोडक्ट्स और एडिबल ऑयल सेक्टर में काम करने वाली विजय सॉल्वैक्स जैसी कंपनियों के लिए इस तरह के टैक्स असेसमेंट और रेगुलेटरी मुद्दे आम हैं। GST के जटिल नियम, खासकर ITC क्लेम से जुड़े, ऐसी कंप्लायंस चुनौतियां पैदा कर सकते हैं।
कंपनी जल्द ही निर्धारित अपीलेट अथॉरिटी के पास अपील दायर करेगी। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि यह मामला सुलझ जाएगा। हालांकि, कंपनी ने यह भी कहा है कि उन्हें किसी तत्काल वित्तीय या ऑपरेशनल बदलाव की उम्मीद नहीं है। मुख्य जोखिम अपील प्रक्रिया में ही है, और भले ही कंपनी आशावादी हो, लेकिन प्रतिकूल फैसला आने पर डिमांड को बरकरार रखा जा सकता है। पर, सूचीबद्ध कंपनी के लिए यह राशि अपेक्षाकृत छोटी है, इसलिए बड़े कानूनी खर्चों से कोई खास खतरा होने की संभावना कम है, जैसा कि कंपनी ने इंगित किया है।
इंडस्ट्री में Marico Limited और Adani Wilmar Limited जैसी बड़ी FMCG और एडिबल ऑयल कंपनियां भी नियमित रूप से इस तरह के टैक्स संबंधी असेसमेंट से निपटती हैं।
