क्या है पूरा मामला?
स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई जानकारी के अनुसार, Vakrangee Limited को 30 मार्च 2024 को 31 मार्च 2024 को यह ऑर्डर मिला था। कंपनी ने साफ किया है कि वह इस टैक्स डिमांड के आधार से असहमत है और इसके खिलाफ अपनी अपील तैयार कर रही है।
निवेशकों के लिए क्यों अहम?
सरकारी एजेंसियों की ओर से टैक्स डिमांड आना, भले ही कंपनी इसे चुनौती दे रही हो, निवेशकों और मैनेजमेंट के लिए थोड़ी अनिश्चितता पैदा कर सकता है। Vakrangee का यह कहना कि इस डिमांड का खास असर नहीं पड़ेगा, यह दिखाता है कि कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत है। हालांकि, ऐसे मामलों में लीगल प्रोसेस में समय और संसाधन लग सकते हैं।
कंपनी का बैकग्राउंड और पिछला रिकॉर्ड
Vakrangee Kendras के जरिए डिजिटल, वित्तीय, ई-गवर्नेंस और लॉजिस्टिक्स जैसी सेवाएं प्रदान करती है। कंपनी पहले भी रेगुलेटरी जांच के दायरे में रही है। नवंबर 2022 में, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने White Label ATM (WLA) के नियमों का पालन न करने पर ₹1.76 करोड़ का जुर्माना लगाया था। इसके अलावा, Vakrangee इनकम टैक्स विभाग से ₹28.91 लाख की एक और पेनल्टी के खिलाफ भी अपील कर रही है।