V.B. Desai Financial Services Limited ने 1 अप्रैल 2026 से अपने शेयरों के कारोबार पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया है।
यह कदम कंपनी के 31 मार्च 2026 को समाप्त हो रहे फाइनेंशियल ईयर के ऑडिटेड नतीजों की घोषणा से पहले उठाया गया है, जो कि SEBI (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) के इनसाइडर ट्रेडिंग रेगुलेशन, 2015 का पालन करने के लिए एक मानक प्रक्रिया है। इस ट्रेडिंग विंडो क्लोजर का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी गैर-सार्वजनिक मूल्य-संवेदनशील जानकारी (unpublished price-sensitive information) का फायदा उठाकर शेयर बाजार में कोई अनुचित कारोबार न हो। यह रोक नतीजों की घोषणा के 48 घंटे बाद तक जारी रहेगी।
हालांकि, यह एक नियमित प्रक्रिया है, लेकिन हाल ही में 24 मार्च 2026 को V.B. Desai Financial Services को SEBI से एक एडमिनिस्ट्रेटिव वार्निंग (प्रशासनिक चेतावनी) मिली थी। यह चेतावनी कंपनी द्वारा अनुपालन में की गई कुछ गड़बड़ियों के लिए थी, जिनमें की-मैनेजरियल पर्सनेल (Key Managerial Personnel) के बदलाव की रिपोर्टिंग में देरी और इनसाइडर ट्रेडिंग रिकॉर्ड के लिए स्ट्रक्चर्ड डिजिटल डेटाबेस (Structured Digital Database) को बनाए रखने में विफलता शामिल है।
1985 में स्थापित, V.B. Desai Financial Services एक कैटेगरी-I मर्चेंट बैंकर है जो SEBI के साथ रजिस्टर्ड है। यह मर्चेंट बैंकिंग, विलय और अधिग्रहण, पूंजी जुटाने और कॉर्पोरेट सलाहकार जैसी सेवाएं प्रदान करती है। मार्च 2026 तक, कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹7 करोड़ था। दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही के लिए, कंपनी ने ₹0.22 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था।
यह हालिया SEBI वार्निंग, कंपनी को नियामक जांच के दायरे में लाती है। भारतीय वित्तीय सेवा क्षेत्र में Motilal Oswal Financial Services Ltd., Edelweiss Financial Services Ltd., और SMC Global Securities Ltd. जैसी बड़ी कंपनियों के बीच, V.B. Desai पर निवेशकों की खास नजर रहेगी।
निवेशक अब कंपनी के बोर्ड मीटिंग की तारीख का इंतजार कर रहे हैं, जहां 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए अवधि के ऑडिटेड फाइनेंशियल नतीजों पर विचार किया जाएगा। बोर्ड मीटिंग की तारीख की सूचना कंपनी अलग से देगी।