SAT ने अपने अंतरिम आदेश (Interim Order) को आगे बढ़ाते हुए Trucap Finance Limited के ओपन ऑफर को 24 अप्रैल 2026 तक के लिए होल्ड पर रखा है। यह कदम सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) द्वारा अधिग्रहणकर्ता की ऑफर वापस लेने की याचिका को ठुकराने के बाद उठाया गया है। इस एक्सटेंशन का मतलब है कि ओपन ऑफर की प्रक्रिया अगले दो सालों से भी ज्यादा समय तक अटकी रहेगी।
SEBI ने क्यों ठुकराई अर्जी?
Tribunal ने अपने नए आदेश में स्थिति जस की तस बनाए रखने का निर्देश दिया है। SEBI ने अधिग्रहणकर्ता, Marwadi Chandarana Intermediaries Brokers Private Limited, को ओपन ऑफर वापस लेने की इजाजत नहीं दी। मामले की अगली सुनवाई तक, अपील करने वाले पक्ष को दो हफ्तों के भीतर अपना जवाब दाखिल करना होगा।
शेयरधारकों के लिए अनिश्चितता का लंबा दौर
Marwadi Chandarana Intermediaries Brokers Private Limited द्वारा Trucap Finance के 26% शेयरों को ₹9.88 प्रति शेयर की दर से खरीदने का प्रस्ताव था, जिसका कुल मूल्य लगभग ₹61.93 करोड़ था। अधिग्रहणकर्ता ने कुछ अंदरूनी समझौतों (Underlying Agreements) में समस्याओं का हवाला देते हुए ऑफर वापस लेने की कोशिश की थी। SAT के इस फैसले से Trucap Finance के शेयरधारकों के लिए नियंत्रण में बदलाव या बाहर निकलने के अवसरों पर अनिश्चितता का लंबा दौर जारी रहेगा। Sundae Capital Advisors Private Limited इस पूरे ऑफर को मैनेज कर रहा है।
आगे क्या हो सकता है?
इस लंबी कानूनी प्रक्रिया का मतलब है कि ओपन ऑफर का अंतिम निर्णय अब Tribunal के हाथों में है। निवेशकों को 24 अप्रैल 2026 को होने वाली सुनवाई का इंतजार करना होगा। इस दौरान, कंपनी की वित्तीय स्थिति (जैसे नेट लॉस और बढ़ता GNPA) भी एक महत्वपूर्ण फैक्टर साबित हो सकती है। NBFC सेक्टर में इस तरह की डील और रेगुलेटरी जांच आम है, जिसमें RBI की मंजूरी जैसी अन्य मंजूरियों के चलते भी देरी हो सकती है।
