Sword-Edge Commercials Limited ने कॉर्पोरेट गवर्नेंस को मजबूत करने और कंपनी के सामने आ रही चुनौतियों से निपटने के लिए एक अहम कदम उठाया है। कंपनी के शेयरधारकों ने तीन नए नॉन-एग्जीक्यूटिव स्वतंत्र डायरेक्टर्स की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। ये नियुक्तियां 19 जनवरी, 2026 से प्रभावी होंगी।
शेयरधारकों ने मिस नेहा करगेटी (Ms. Neha Kargeti), मिस अदिति राठौड़ (Ms. Adithi Rathore), और मिस्टर कुलबीर सिंह संधू (Mr. Kulbir Singh Sandhu) के नामों पर मुहर लगाई है। इन नियुक्तियों को स्पेशल रेजोल्यूशन (Special Resolution) के जरिए अप्रूव किया गया, जिसके लिए वोटिंग 29 मार्च, 2026 को समाप्त हुई। मिस राठौड़ को सबसे अधिक 98.66% शेयरधारकों का समर्थन मिला, जबकि मिस करगेटी को 97.70% और मिस्टर संधू को 91.35% वोट मिले। स्वतंत्र डायरेक्टर्स की नियुक्ति भारतीय रेगुलेशन्स के तहत बोर्ड की देखरेख (oversight) और नैतिक मानकों को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।
यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब Sword-Edge Commercials, जो 1985 से होलसेल एक्टिविटीज में सक्रिय है, गंभीर परिचालन और कंप्लायंस (compliance) समस्याओं से जूझ रही है। कंपनी के शेयर्स BSE पर ट्रेडिंग सस्पेंशन (trading suspension) का सामना कर रहे हैं, जिसका कारण लिस्टिंग फीस का भुगतान न करना और तिमाही फाइलिंग जमा करने में विफलता है। इसके अलावा, हालिया ऑडिटर रिपोर्ट्स में कंपनी के निवेशों और कर्जों के लिए जरूरी डॉक्यूमेंटेशन का गायब होना, अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर के एडिट लॉग्स (edit logs) की अनुपस्थिति, और TDS व TCS जैसे बकाया स्टैच्युटरी ड्यूज (statutory dues) जैसी गंभीर चिंताएं उठाई गई हैं। इन मुद्दों के कारण कंपनी को गंभीर ऑडिट क्वालिफिकेशंस (audit qualifications) का सामना करना पड़ा है, जो पारदर्शिता और कंप्लायंस में कमियों को दर्शाते हैं।
इन तीन नए स्वतंत्र डायरेक्टर्स के आने से कंपनी के बोर्ड को नई दिशा मिलने और देखरेख क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि ये नए सदस्य कंपनी की मुश्किलों का समाधान खोजने में अहम भूमिका निभाएंगे और संभवतः ऑडिट और नॉमिनेशन जैसी प्रमुख कमेटियों का पुनर्गठन भी किया जाएगा। हालांकि, BSE पर ट्रेडिंग सस्पेंशन और ऑडिट क्वालिफिकेशंस, विशेष रूप से निवेशों और कर्जों से संबंधित, कंपनी के लिए बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं। नए डायरेक्टर्स की मुख्य प्राथमिकताओं में बकाया स्टैच्युटरी ड्यूज का भुगतान और अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा।