यह वर्गीकरण इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि सेबी (SEBI) द्वारा 'लार्ज कॉर्पोरेट एंटिटी' के रूप में नामित कंपनियों को डेट (debt) जुटाते समय ज़्यादा सख्त डिस्क्लोजर (disclosure) और कंप्लायंस (compliance) नियमों का पालन करना पड़ता है। Square Four Projects India Ltd के इस थ्रेशोल्ड (threshold) से नीचे रहने का मतलब है कि उन्हें इन अतिरिक्त नियामक दायित्वों से छूट मिल गई है।
Square Four Projects India Ltd मुख्य रूप से कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के क्षेत्र में सक्रिय है। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2024 की तीसरी तिमाही में ₹20.01 करोड़ का रेवेन्यू और ₹0.23 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था। इससे पिछले फाइनेंशियल ईयर 2023 में, कंपनी ने ₹66.41 करोड़ का रेवेन्यू और ₹1.49 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया था।
इस फैसले से कंपनी की फंडरेज़िंग (fundraising) और वित्तीय योजनाएं आसान होंगी। वे अब 'लार्ज कॉर्पोरेट' के लिए बनाए गए विशेष नियमों के बजाय सामान्य नियामक ढांचे के तहत अपनी कैपिटल जुटाने की गतिविधियों को अंजाम दे सकेंगे।
इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की दिग्गज कंपनियां जैसे Larsen & Toubro (L&T) अपने विशाल आकार और वित्तीय पैमानों के कारण अक्सर 'लार्ज कॉर्पोरेट' की श्रेणी में आती हैं। Square Four Projects India Ltd का स्टेटस यह दर्शाता है कि उनका वित्तीय आकार तुलनात्मक रूप से छोटा है।
