SEBI के नियमों का सख्ती से पालन
यह कदम भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के Prohibition of Insider Trading Regulations, 2015 के तहत उठाया गया है। कंपनी इस दौरान किसी भी तरह की अंदरूनी ट्रेडिंग (Insider Trading) को रोकने के लिए यह एहतियाती कदम उठा रही है। इसका मतलब है कि कंपनी के महत्वपूर्ण पदों पर बैठे लोग या उनके करीबी, कंपनी के बारे में सार्वजनिक न हुई जानकारी के आधार पर शेयर्स खरीद या बेच नहीं पाएंगे।
कब खुलेगा ट्रेडिंग विंडो?
यह ट्रेडिंग विंडो कंपनी के 31 मार्च 2026 को समाप्त होने वाले फाइनेंशियल ईयर और तिमाही के लिए ऑडिटेड नतीजों की घोषणा होने के 48 घंटे बाद ही दोबारा खोली जाएगी। कंपनी ने अभी तक नतीजों को मंजूरी देने वाली बोर्ड मीटिंग की तारीख का ऐलान नहीं किया है। जैसे ही यह तारीख तय होगी और नतीजे आएंगे, बाज़ार में एक बार फिर से ट्रेडिंग की इजाज़त मिल जाएगी।
निवेशकों के लिए क्या मायने?
इस तरह की 'ट्रेडिंग विंडो क्लोजर' प्रैक्टिस भारतीय शेयर बाज़ार में एक आम कॉर्पोरेट गवर्नेंस का हिस्सा है। यह सुनिश्चित करता है कि सभी निवेशकों को एक समान जानकारी मिले और किसी को भी अंदरूनी सूचना का फायदा न मिले, जिससे बाज़ार में निष्पक्षता बनी रहे। निवेशक अब कंपनी के बोर्ड मीटिंग की तारीख और नतीजों का इंतजार कर रहे हैं।
