SEBI के फरवरी 2026 के एक कड़े फैसले पर Setco Automotive Ltd को फिलहाल राहत मिली है। सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (SAT) ने 8 मई, 2026 को कंपनी और उसके प्रमोटरों के खिलाफ SEBI के उस ऑर्डर पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसमें कंपनी से करीब ₹208.77 करोड़ की मांग की गई थी और उन्हें सिक्योरिटीज मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया गया था।
SAT के इस अंतरिम ऑर्डर में कुछ महत्वपूर्ण शर्तें भी शामिल हैं। इसके तहत, Setco Automotive और उसके प्रमोटरों को फिलहाल सिक्योरिटीज मार्केट से दूर रहना होगा। साथ ही, उन्हें SEBI की पूर्व अनुमति के बिना अपनी व्यक्तिगत संपत्ति के किसी भी सौदे से बचने का एक अंडरटेकिंग (undertaking) देना होगा।
SEBI का यह एक्शन फंड डायवर्जन (fund diversion) के आरोपों से जुड़ा था। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी की एक सब्सिडियरी, SEPL के जरिए लगभग ₹414 करोड़ के फंड को डायवर्ट करने का आरोप है, जिसमें प्रमोटरों पर व्यक्तिगत लाभ लेने का भी इल्जाम है।
अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए, Setco Automotive ने मई 2022 में इंडिया रिसर्जेन्स फंड (India Resurgence Fund) से लगभग ₹615 करोड़ का फंड जुटाया था।
इस अंतरिम स्टे (stay) से Setco Automotive को तत्काल वित्तीय दबाव और ऑपरेशनल दिक्कतों से थोड़ी राहत मिली है। हालांकि, आरोप अभी भी अनसुलझे हैं। इस स्टे को जारी रखने के लिए, प्रमोटरों को चार हफ्तों के भीतर ₹208.77 करोड़ की पूरी पेनल्टी राशि SAT में जमा करानी होगी।
अगर प्रमोटर इन शर्तों या SAT द्वारा तय की गई अन्य शर्तों का पालन करने में विफल रहते हैं, तो यह स्टे रद्द हो सकता है और SEBI का मूल सख्त आदेश फिर से लागू हो जाएगा। ऐसे में प्रमोटरों की व्यक्तिगत गारंटी और गिरवी रखी गई संपत्तियां जोखिम में पड़ सकती हैं।
अब मार्केट की नजरें SAT के अंतिम फैसले पर रहेंगी, जिसमें SEBI के आदेश की मेरिट्स (merits) पर सुनवाई होगी। प्रमोटरों द्वारा ₹208.77 करोड़ की राशि का समय पर जमा होना और SAT से मिलने वाले आगे के निर्देश महत्वपूर्ण होंगे।
