यह एक स्टैंडर्ड प्रक्रिया है जिसका उद्देश्य कंपनी की अनपब्लिश्ड प्राइस-सेंसिटिव इंफॉर्मेशन (Unpublished Price-Sensitive Information) के दुरुपयोग को रोकना है। इस कदम से Saptarishi Agro Industries यह सुनिश्चित करना चाहती है कि शेयर बाजार में निष्पक्ष व्यापार हो और निवेशकों के हितों की रक्षा हो।
ट्रेडिंग विंडो बंद रहने की अवधि के दौरान, Saptarishi Agro Industries के भीतर के डायरेक्टर्स, प्रमोटर्स और अन्य नियुक्त कर्मचारियों के साथ-साथ उनके करीबी रिश्तेदार भी कंपनी के शेयर्स (Shares) की खरीद या बिक्री नहीं कर पाएंगे। यह नीति बाजार की अखंडता बनाए रखने और किसी भी तरह के इनसाइडर ट्रेडिंग (Insider Trading) की धारणा से बचने के लिए अपनाई जाती है।
1992 में स्थापित Saptarishi Agro Industries Limited, मशरूम और अन्य कृषि-आधारित उत्पादों में विशेषज्ञता वाली एक भारतीय एग्रो-प्रोसेसिंग (Agro-Processing) फर्म है। कंपनी ने फ्रोजन फूड्स (Frozen Foods) और लैंड डेवलपमेंट (Land Development) के क्षेत्र में भी विस्तार किया है। दिलचस्प बात यह है कि कंपनी और उसके डायरेक्टर्स को 2014 में SEBI (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) द्वारा मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग नॉर्म्स (Minimum Public Shareholding Norms) का पालन न करने के कारण कुछ प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा था, जिन्हें बाद में अनुपालन के बाद हटा दिया गया था।
यह भी बता दें कि ट्रेडिंग विंडो बंद करना भारतीय शेयर बाजार में एक आम चलन है। कई अन्य सूचीबद्ध कंपनियां, जैसे LT Foods, KRBL, और GRM Overseas भी इसी तरह के उपाय अपनाती हैं ताकि उचित व्यापार मानकों को बनाए रखा जा सके।
फिलहाल, निवेशकों की नजरें अब कंपनी द्वारा फाइनेंशियल नतीजों को मंजूरी देने वाली बोर्ड मीटिंग (Board Meeting) की तारीख की घोषणा पर टिकी रहेंगी। ट्रेडिंग विंडो के फिर से खुलने की सटीक तारीख इन नतीजों के सार्वजनिक होने पर निर्भर करेगी।
