SEBI ने RSC International Ltd. को 25 मार्च 2026 को एक एडमिनिस्ट्रेटिव वार्निंग लेटर भेजा था, जिसकी जानकारी कंपनी ने 8 मई 2026 को दी। यह चेतावनी मुख्य रूप से दो वजहों से है: रीक्लासिफिकेशन डिस्क्लोजर्स (reclassification disclosures) में देरी और स्ट्रक्चर्ड डिजिटल डेटाबेस (SDD) को ठीक से मेंटेन न करना।
SEBI ने साफ कहा है कि कंपनी को इन दोनों मुद्दों पर 90 दिनों के भीतर सुधारात्मक कार्रवाई करनी होगी। कंपनी का कहना है कि वह इस मामले पर सक्रिय रूप से काम कर रही है और रेगुलेटर के निर्देशों का पालन करने के लिए कदम उठा रही है।
यह चेतावनी भारतीय लिस्टेड कंपनियों पर बढ़ते रेगुलेटरी फोकस को दर्शाती है। बाजार की अखंडता और निवेशकों के हितों की सुरक्षा के लिए मजबूत कंप्लायंस (compliance) बेहद जरूरी है।
आने वाले समय में, RSC International के शेयरधारकों को उम्मीद है कि कंपनी रेगुलेटरी नियमों का पालन करने को अपनी प्राथमिकता बनाएगी। कंपनी को रीक्लासिफिकेशन से जुड़े अपडेट समय पर देने और एक पूर्ण कंप्लायंट SDD स्थापित करने पर ध्यान देना होगा।
अगर कंपनी 90-दिन की अवधि में इन कमियों को दूर करने में विफल रहती है, तो SEBI आगे और भी कड़ी कार्रवाई कर सकता है, जिसमें भारी पेनल्टी (penalty) या अन्य रेगुलेटरी उपाय शामिल हो सकते हैं, जिसका असर कंपनी की प्रतिष्ठा और ऑपरेशंस पर पड़ सकता है।
