क्यों हुई शेयर ट्रेडिंग पर रोक?
यह कदम SEBI (Prohibition of Insider Trading) Regulations, 2015 के तहत उठाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य कंपनी के अहम अंदरूनी लोगों और उनके परिवार के सदस्यों को वित्तीय नतीजों जैसी गोपनीय जानकारी लीक होने से पहले शेयर की खरीद-बिक्री करने से रोकना है। यह शेयर बाजार की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एक मानक प्रक्रिया है।
यह क्यों है अहम?
लिस्टेड कंपनियों के लिए SEBI के नियमों के अनुसार, ऐसे ट्रेडिंग विंडो क्लोजर (Trading Window Closure) काफी आम हैं। यह अक्सर वित्तीय नतीजों, डिविडेंड (Dividend) या किसी बड़े कॉर्पोरेट एक्शन की घोषणा से पहले लागू किए जाते हैं। Ruchi Infrastructure Ltd. पहले भी अपने तिमाही नतीजों के आसपास ऐसी प्रक्रिया अपनाती रही है। हाल ही में, SEBI ने इन पाबंदियों को तयशुदा लोगों के करीबी रिश्तेदारों पर भी लागू किया है, जिससे इनसाइडर ट्रेडिंग पर लगाम और कसी जा सके।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
निवेशकों को कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मीटिंग की तारीख का इंतजार करना चाहिए, जिसमें Q4 FY26 और पूरे FY26 के वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी जाएगी। नतीजों की घोषणा के 48 घंटे बाद ट्रेडिंग विंडो फिर से खुल जाएगी। इसके बाद, कंपनी द्वारा जारी किसी भी अन्य अहम जानकारी पर भी नजर रखनी चाहिए।
