SEBI के नियमों का पालन: क्यों बंद की गई ट्रेडिंग विंडो?
Rossell India Limited ने शेयर बाजार के नियमों का पालन करते हुए अपने डायरेक्टर्स, ऑफिसर्स और खास कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कंपनी ने 1 अप्रैल, 2026 से 'ट्रेडिंग विंडो' (Trading Window) बंद करने का फैसला किया है। यह पाबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक कंपनी अपने फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के ऑडिटेड नतीजों का ऐलान नहीं कर देती, और नतीजे आने के 48 घंटे बाद ही इसे फिर से खोला जाएगा।
यह कदम SEBI (Prohibition of Insider Trading) रेगुलेशंस, 2015 के तहत एक स्टैंडर्ड प्रोसीजर है। इसका मुख्य मकसद यह सुनिश्चित करना है कि जिन लोगों के पास कंपनी की अंदरूनी, कीमत-संवेदनशील (price-sensitive) जानकारी है, वे नतीजों के सार्वजनिक होने से पहले कंपनी के शेयरों में कोई खरीद-बिक्री न कर सकें। इससे मार्केट में निष्पक्षता (fair play) बनी रहती है और सभी निवेशकों के हितों की रक्षा होती है।
कंपनी का बिजनेस और हालिया वित्तीय प्रदर्शन
Rossell India मुख्य रूप से टी (Tea) और एयरोस्पेस एंड डिफेंस (Aerospace & Defence) जैसे क्षेत्रों में काम करती है। कंपनी ने हाल ही में अपने तिमाही नतीजों का भी खुलासा किया है, जो निवेशकों के लिए आगे की दिशा तय करेंगे। फाइनेंशियल ईयर 2025 (FY25) के लिए कंपनी का सालाना रेवेन्यू ₹185 करोड़ रहा था। वहीं, फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में, कंपनी का रेवेन्यू ₹85.19 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 36.13% ज्यादा है। हालांकि, इसी तिमाही में नेट प्रॉफिट ₹4.28 करोड़ रहा, जो पिछले साल की तुलना में 30.63% कम है।
