Riddhi Corporate Services Limited ने बाज़ार को जानकारी दी है कि उसके शेयरधारकों ने पोस्टल बैलेट के ज़रिए हुए मतदान में कंपनी के चार प्रमुख प्रस्तावों पर ज़बरदस्त सहमति जताई है। वोटिंग 30 मार्च, 2026 को समाप्त हुई, जिसके नतीजों ने कंपनी के प्रस्तावित कॉर्पोरेट कदमों के लिए शेयरधारकों के मज़बूत समर्थन की पुष्टि की है।
ये मंज़ूरी शेयरधारकों को कंपनी के इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) फंड के उपयोग में ज़रूरी बदलाव करने की शक्ति देती है। इसके अलावा, शेयरधारकों ने स्टैच्यूटरी (Statutory) और सिक्रेटरीयल (Secretarial) ऑडिटर की नियुक्ति को भी मंज़ूरी दे दी है, जिससे एक महत्वपूर्ण खाली पद भरा गया है और कंपनी के अनुपालन (compliance) को सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। इसी के साथ, श्री कल्पेश चंद्र किशोर शुक्ला को एडिशनल डायरेक्टर के तौर पर नियमित करने का प्रस्ताव भी पास हो गया है।
ये शेयरधारक मंज़ूरी कंपनी के कामकाज और शासन (governance) के लिए बेहद अहम हैं। IPO फंड के उद्देश्यों में बदलाव से जुटाई गई पूंजी को सही ढंग से इस्तेमाल करने में लचीलापन आता है। ऑडिटर की नियुक्तियां वित्तीय पारदर्शिता बनाए रखने और कानूनी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए ज़रूरी हैं, जबकि डायरेक्टर के पद को नियमित करने से कंपनी की संरचना और देखरेख मज़बूत होती है।
इन मंज़ूरियों के तुरंत बाद, Riddhi Corporate Services अब निम्न कार्य कर पाएगी:
- IPO फंड के इस्तेमाल की रणनीति में बदलाव।
- खाली पदों को भरने के लिए स्टैच्यूटरी ऑडिटर की नियुक्ति।
- अनुपालन जांच के लिए सिक्रेटरीयल ऑडिटर की सेवाएं लेना।
- श्री कल्पेश चंद्र किशोर शुक्ला की नॉन-एग्जीक्यूटिव, इंडिपेंडेंट एडिशनल डायरेक्टर के पद को औपचारिक रूप से स्थापित करना।
Riddhi Corporate Services कॉर्पोरेट और वित्तीय सलाहकार क्षेत्र में सक्रिय है, खासकर रजिस्ट्रार और शेयर ट्रांसफर एजेंसी की सेवाएं प्रदान करती है। अपने खास काम के कारण, कंपनी के सीधे तौर पर लिस्टेड पीयर्स (peers) बहुत कम हैं। इस प्रक्रियात्मक अपडेट को लेकर हालिया फाइलिंग में कोई विशेष जोखिम नहीं बताया गया है। निवेशक अब IPO फंड के संशोधित आवंटन और नए नियुक्त डायरेक्टर से जुड़े घटनाक्रमों पर नज़र बनाए रखेंगे।