क्यों बंद हो रही है ट्रेडिंग विंडो?
कंपनी का यह फैसला SEBI (इनसाइडर ट्रेडिंग की रोकथाम) रेगुलेशंस, 2015 का पालन करने के लिए है। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी कंपनी के अंदरूनी व्यक्ति, जैसे कि डायरेक्टर्स और की मैनेजेरियल पर्सोनल, अप्रकाशित, मूल्य-संवेदनशील जानकारी (Unpublished Price-Sensitive Information) के आधार पर शेयर की खरीद-बिक्री न कर सकें। इससे बाजार में निष्पक्षता बनी रहती है।
किन पर रहेगा प्रतिबंध?
इस बंद अवधि के दौरान, कंपनी के डेजिग्नेटेड पर्सन्स (Designated Persons), जिसमें बोर्ड सदस्य, प्रमुख अधिकारी और उनके करीबी रिश्तेदार (जैसे जीवनसाथी, बच्चे, माता-पिता) शामिल हैं, Picturehouse Media के किसी भी शेयर या उससे जुड़े सिक्योरिटीज का व्यापार नहीं कर पाएंगे।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
हालांकि, यह ट्रेडिंग विंडो का बंद होना एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन निवेशकों को कंपनी के पिछले कुछ रिकॉर्ड्स पर भी गौर करना चाहिए। कंपनी पर पहले SEBI की ओर से ₹7,59,920 का जुर्माना भी लगाया गया था, और हाल ही में SEBI ने कुछ और जानकारी मांगी थी, जिसे कंपनी प्रदान कर रही है। इसके अलावा, कंपनी ने FY25 में अपने रेवेन्यू में गिरावट दर्ज की थी।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों की नजर अब उस तारीख पर होगी जब कंपनी अपने बोर्ड की बैठक आयोजित कर FY26 के फाइनल नतीजों को मंजूरी देगी। नतीजों के एलान के बाद ही कंपनी की पूरी वित्तीय तस्वीर साफ होगी।
