कंपनी ने SEBI के 'Prohibition of Insider Trading' Regulations, 2015 के तहत यह फैसला लिया है। इस नियम के मुताबिक, कंपनी के अंदरूनी लोग (insiders) और उनके करीबी रिश्तेदार, जब तक कंपनी के नतीजे घोषित नहीं हो जाते, तब तक कंपनी के शेयर खरीद या बेच नहीं सकते। यह पाबंदी नतीजे आने के 48 घंटे बाद तक जारी रहेगी।
ट्रेडिंग पर रोक क्यों?
इस कदम का मुख्य मकसद है यह सुनिश्चित करना कि किसी भी तरह की 'Unpublished Price-Sensitive Information' (UPSI) का गलत इस्तेमाल न हो। डायरेक्टर्स, एम्प्लॉइज और संबंधित पार्टियों को ट्रेडिंग से रोककर, कंपनी सभी निवेशकों के लिए एक समान मौका (level playing field) बनाए रखती है और बाजार की अखंडता (market integrity) को बनाए रखती है। यह वित्तीय नतीजों की घोषणा से पहले एक सामान्य प्रक्रिया है।
पिछला रिकॉर्ड और महत्वपूर्ण घटनाएँ
Onward Technologies ने पहले भी ऐसे कदम उठाए हैं। कंपनी ने मार्च 2020, मार्च 2022, मार्च 2023 और जून 2023 में भी नतीजों से पहले ट्रेडिंग विंडो बंद की थी। एक पुराने मामले में, SEBI ने मई 2020 में प्रमोटर्स पर इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों के उल्लंघन के चलते जुर्माना भी लगाया था, जिसे कंपनी ने समय पर सुलझा लिया था। हाल ही में, फरवरी 2026 में, कंपनी ने एक डिस्क्लोजर में देरी को लेकर स्पष्टीकरण दिया था और बताया था कि उसकी US सब्सिडियरी को एक कर्मचारी वेतन विवाद (employee wage dispute) से संबंधित एकतरफा फैसले (ex-parte judgment) के मामले में कोई बड़ा वित्तीय प्रभाव नहीं पड़ा है।
निवेशक क्या देखें?
निवेशक अब Onward Technologies द्वारा Q4 FY26 और पूरे वित्तीय वर्ष के लिए ऑडिटेड नतीजों की आधिकारिक घोषणा की तारीख का इंतजार करेंगे। ट्रेडिंग विंडो के फिर से खुलने का समय, जो नतीजों के 48 घंटे बाद होगा, वह भी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण होगा। नतीजों में सामने आने वाले स्पेसिफिक डिटेल्स ही ट्रेडिंग फिर से शुरू होने पर बाजार की भावना (market sentiment) और स्टॉक की चाल तय करेंगे।
