यह नियुक्ति कंपनी के कॉर्पोरेट गवर्नेंस और निगरानी को बेहतर बनाने के बड़े लक्ष्य के साथ की गई है। माना जा रहा है कि ये नए सदस्य बोर्ड को नई दिशा और रणनीतिक सलाह देने में मदद करेंगे, साथ ही अनुपालन (compliance) सुनिश्चित करने में भी अहम भूमिका निभाएंगे।
Nyssa Corporation, जिसकी स्थापना 1981 में हुई थी, रियल एस्टेट फाइनेंसिंग, इन्वेस्टमेंट और कंस्ट्रक्शन जैसे क्षेत्रों में काम करती है। कंपनी ने पहले भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जैसे 99% साझेदारी हित M/s Mark Developers में बेचना और फाइनेंशियल रिजल्ट आने से पहले ट्रेडिंग विंडो बंद रखने जैसी प्रथाओं का पालन करना।
नियामक (Regulatory) इतिहास की बात करें तो, Nyssa Corporation 2017 में SEBI के एक सेटलमेंट ऑर्डर के तहत आई थी, जिसमें कंपनी ने कुछ डिफॉल्ट्स के लिए ₹14,25,900 का भुगतान किया था।
नए डायरेक्टर्स की नियुक्ति पर शेयरधारकों का समर्थन ज़बरदस्त रहा। श्री बृंदाबन कर की नियुक्ति के पक्ष में 4,21,984 वोट ( 99.97%) और विपक्ष में 133 वोट पड़े। वहीं, श्रीमती वंदना सिंह और श्री धीरज कुमार दास को 4,21,933 वोट ( 99.96%) पक्ष में और 184 वोट विपक्ष में मिले।
निवेशक अब इस बात पर नज़र रखेंगे कि नए डायरेक्टर्स बोर्ड में कैसे फिट होते हैं और कंपनी की रणनीतिक पहलों (strategic initiatives) में कैसे योगदान देते हैं। पिछले नियामक मामलों को देखते हुए, अनुपालन और गवर्नेंस के मानकों पर लगातार ध्यान देना महत्वपूर्ण रहेगा। बोर्ड समिति की भूमिकाओं या कार्यकारी जिम्मेदारियों से संबंधित भविष्य की घोषणाओं पर भी नजर रखी जाएगी।
Nyssa Corporation रियल एस्टेट और इन्वेस्टमेंट सेक्टर में काम करती है। इसके मुकाबले में रियल एस्टेट सेक्टर में DLF Ltd और Lodha Developers Ltd जैसी कंपनियां हैं, और फाइनेंशियल सर्विसेज में Bajaj Finance Ltd और Jio Financial Services Ltd जैसी कंपनियां हैं, जो गवर्नेंस के लिए बेंचमार्क का काम करती हैं।