यह कदम SEBI (Prohibition of Insider Trading) Regulations, 2015 के तहत उठाया गया है। इसका मुख्य मकसद कंपनी के अनपब्लिश्ड प्राइस सेंसिटिव इन्फॉर्मेशन (UPSPI) के गलत इस्तेमाल को रोकना और सभी निवेशकों के लिए एक समान अवसर सुनिश्चित करना है।
Nyssa Corporation के लिए यह कोई नई बात नहीं है। कंपनी पहले भी फाइनेंशियल नतीजों के आसपास अपनी ट्रेडिंग विंडो बंद करती आई है, जिसे कॉर्पोरेट गवर्नेंस का एक अहम हिस्सा माना जाता है।
इसका सीधा मतलब है कि Nyssa से जुड़े महत्वपूर्ण लोग कंपनी के शेयर या अन्य सिक्योरिटीज खरीद-बेच नहीं पाएंगे। यह बाज़ार की अखंडता बनाए रखने के लिए ज़रूरी है।
हालांकि, निवेशकों को एक बात का ध्यान रखना होगा। कंपनी की फाइलिंग में तारीखों को लेकर थोड़ी अस्पष्टता दिख रही है। ट्रेडिंग विंडो 1 जनवरी, 2026 से बंद हो रही है, लेकिन नोटिस में 1 अप्रैल, 2026 से ट्रेडिंग से बचने की भी बात कही गई है। यह कन्फ्यूजन निवेशकों के लिए थोड़ा अनिश्चितता पैदा कर सकता है कि आखिर ट्रेडिंग बैन की सही अवधि क्या है।
Nyssa Corp अकेली ऐसी कंपनी नहीं है। इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की जानी-मानी कंपनियां जैसे Dixon Technologies (India) Ltd., Amber Enterprises India Ltd., और PG Electrocom Ltd. भी फाइनेंशियल नतीजे जारी करते समय इसी तरह की प्रैक्टिस फॉलो करती हैं और SEBI के नियमों का पालन करती हैं।
अब निवेशकों को Nyssa Corporation के Q4 FY26 और पूरे फाइनेंशियल ईयर के ऑडिटेड नतीजों की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा। कंपनी यह भी बताएगी कि ट्रेडिंग विंडो कब खुलेगी। नतीजों के बाद ही कंपनी के फ्यूचर इन्वेस्टमेंट प्लान को लेकर तस्वीर साफ हो पाएगी।
