SEBI ने कॉरपोरेट ट्रांसपैरेंसी बढ़ाने और डेट मार्केट को मजबूत करने के मकसद से 'लार्ज कॉर्पोरेट' फ्रेमवर्क की शुरुआत की थी। सामान्य तौर पर, वो लिस्टेड एंटिटीज जिनकी ₹1,000 करोड़ से ज़्यादा की लॉन्ग-टर्म बरोइंग्स होती हैं और जिनकी क्रेडिट रेटिंग 'AA' या उससे ज़्यादा होती है, उन्हें 'लार्ज कॉर्पोरेट' माना जाता है। ऐसे एंटिटीज को अपनी बरोइंग्स का एक महत्वपूर्ण हिस्सा डेट सिक्योरिटीज के ज़रिए जुटाना पड़ता है।
FY26 के लिए 'लार्ज कॉर्पोरेट' स्टेटस के ज़रूरी क्राइटेरिया को पूरा न करने के कारण, Multiplus Holdings अब डेट के ज़रिए फंड जुटाने से संबंधित कड़े और कॉम्प्लेक्स डिस्क्लोजर नॉर्म्स से बच जाएगी। यह एग्ज़ेम्पशन कंपनी के लिए फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के दौरान डेट इशूएंस एक्टिविटीज़ के लिए रेगुलेटरी कंप्लायंस को काफी आसान बना देगी।
आगे चलकर, निवेशकों की नज़र SEBI की कॉर्पोरेट क्लासिफिकेशन और डेट मार्केट रूल्स पर आने वाली भविष्य की घोषणाओं पर रहेगी। साथ ही, Multiplus Holdings के फाइनेंशियल परफॉरमेंस और आने वाले समय में उसकी बरोइंग लेवल्स पर भी नज़र रखी जाएगी, ताकि यह पता चल सके कि कहीं यह कंपनी भविष्य में 'लार्ज कॉर्पोरेट' डिस्क्लोजर के दायरे में तो नहीं आ जाएगी।
