Minolta Finance Limited ने स्टॉक एक्सचेंजों को दी जानकारी में बताया है कि यह फैसला SEBI के Prohibition of Insider Trading Regulations, 2015 के तहत लिया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य कंपनी के फाइनेंशियल नतीजों जैसी अनपब्लिश्ड प्राइस-सेंसिटिव इन्फॉर्मेशन (Unpublished Price-Sensitive Information) के सार्वजनिक होने से पहले उसके गलत इस्तेमाल को रोकना है। इस कदम से मार्केट में निष्पक्षता बनी रहती है और निवेशकों का भरोसा बढ़ता है।
इस ट्रेडिंग विंडो क्लोजर के दौरान, नॉमिनेटेड कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य कंपनी के किसी भी सिक्योरिटी, जैसे शेयर, डिबेंचर या अन्य इंस्ट्रूमेंट्स को खरीद या बेच नहीं पाएंगे। यह सुनिश्चित करता है कि सभी निवेशकों के लिए एक समान अवसर बना रहे।
वैसे, यह प्रैक्टिस कई बड़ी लिस्टेड नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) में आम है। Bajaj Finance Ltd, Cholamandalam Investment and Finance Company Ltd, और Muthoot Finance Ltd जैसी कंपनियां भी अपने फाइनेंशियल रिजल्ट्स जारी करने से पहले अक्सर ऐसी ही ट्रेडिंग विंडो बंद रखती हैं।
अब निवेशक उस तारीख का इंतजार करेंगे जब बोर्ड मीटिंग में FY26 के ऑडिटेड फाइनेंशियल नतीजों को मंजूरी दी जाएगी। ट्रेडिंग विंडो कब खुलेगी, यह नतीजों के ऐलान पर निर्भर करेगा।
