खुलासे में देरी से गवर्नेंस पर उठे सवाल
Marble City India Limited ने अपने Chief Financial Officer (CFO) और Key Managerial Personnel (KMP) सुश्री Shivi Sharma के इस्तीफे की पुष्टि की है। उनका इस्तीफा 20 मार्च 2026 से प्रभावी हुआ। कंपनी ने 1 अप्रैल 2026 को इस इस्तीफे का खुलासा करते हुए माना कि इसे सार्वजनिक करने में काफी देरी हुई। कंपनी ने इस चूक के लिए खेद जताया है और कहा है कि वह सक्रिय रूप से एक नए CFO की तलाश कर रही है। एक महत्वपूर्ण कार्यकारी के पद छोड़ने की खबर को देर से बताने से कंपनी के कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) और आंतरिक नियंत्रण (Internal Controls) पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
छोटा कार्यकाल और पिछली अनुपालन समस्याएं
सुश्री शर्मा का CFO के तौर पर कार्यकाल काफी छोटा रहा, जो पांच महीने से भी कम का था। उन्हें 27 अक्टूबर 2025 को ही इस पद पर नियुक्त किया गया था। यह घटनाक्रम Marble City India के लिए नई नहीं है, क्योंकि कंपनी का रिकॉर्ड पहले भी समय पर रेगुलेटरी फाइलिंग्स (Regulatory Filings), बोर्ड मीटिंग के नतीजों और तिमाही रिपोर्ट्स जारी करने में चूक का रहा है। CFO की नियुक्ति में देरी भी पहले हो चुकी है।
Q3 FY26 के वित्तीय प्रदर्शन
फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) की तीसरी तिमाही में, Marble City India ने ₹18.66 करोड़ के रेवेन्यू (Revenue) पर ₹0.98 करोड़ का नेट प्रॉफिट (Net Profit) दर्ज किया। पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में नेट प्रॉफिट में 366.67% की भारी वृद्धि हुई, जबकि रेवेन्यू 0.97% बढ़ा। हालांकि, पिछली तिमाही (Quarter-on-Quarter) की तुलना में रेवेन्यू 27.34% घट गया और नेट प्रॉफिट 61.42% गिर गया।
असर और अगले कदम
CFO पद का खाली होना और जानकारी सार्वजनिक करने में हुई देरी से निवेशकों का भरोसा डगमगा सकता है। शेयरधारक नए CFO की नियुक्ति में पारदर्शिता और किसी भी आगामी गवर्नेंस सुधार की उम्मीद कर रहे हैं। यदि नेतृत्व में निरंतरता प्रभावित होती है, तो कंपनी को परिचालन संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
